बदायूं। चार साल पुराने दुष्कर्म के मामले में एससी-एसटी एक्ट न्यायालय के न्यायाधीश सुयश प्रकाश श्रीवास्तव ने आरोपी को दोषी करार दिया है। उसे दस साल कैद की सजा के साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने चार फरवरी 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह एससी जाति का है। 29 जनवरी को उसकी बहन घर पर अकेली थी। इसी दौरान गैर समुदाय का युवक जाने अली उर्फ जाने आलम घर में घुस आया। बहन को अकेला देख उसके साथ दुष्कर्म किया। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर आ गए, जिनको देखकर आरोपी मौके से भाग गया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना क्षेत्राधिकारी एपी भारद्वाज को दी गई। विवेचक ने घटन से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने पत्रावली का अवलोकन किया। अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जाने आलम को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।