बदायूं। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश तिवारी ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी को दस साल कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर चालीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा। यह सजा पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 13 जुलाई 2022 की रात करीब दो बजे अलापुर थाना क्षेत्र में हुई थी। वादिनी मुकदमा ने 14 जुलाई 2022 को अलापुर थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा था कि वह अपने बच्चों के साथ घर में सो रही थी, घर में दरवाजे पर किबाड़ नहीं थे। तभी गांव का दिनेश पुत्र पप्पू घर में घुस आया और उसकी 11 वर्षीय बेटी को गलत नीयत से उठाकर पड़ोसी के खाली पड़े मकान में ले गया। शोर सुनकर लड़की के पास सो रहा उसका भाई और मां जाग गए। दोनों मौके पर पहुंचे तो आरोपी दिनेश लड़की को छोड़कर भाग गया।
न्यायालय में दिनेश उर्फ प्रधान पुत्र पप्पू निवासी म्याऊं, थाना अलापुर के खिलाफ नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के प्रयास का मुकदमा चला। विशेष लोक अभियोजक ने अभियोजन पक्ष की ओर से दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने भी अपनी दलीलें रखीं। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का गहन अवलोकन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया।
न्यायाधीश ने आरोपी दिनेश को दुष्कर्म के आरोप में दोषी नहीं पाया। हालांकि, उसे पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत दुष्कर्म के प्रयास में दोषी ठहराया गया। इसी आधार पर उसे दस साल के कठोर कारावास और चालीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया गया है।