मृतका के पिता ने दी थी तहरीर
उधर, अनहोनी की आशंका के चलते सत्यवती के पिता राजवीर सिंह यादव ने थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। इस पर पुलिस ने छानबीन शुरू की। तीन दिन जांच के बाद पुलिस को पति जय सिंह यादव पर शक हुआ, तो उन्होंने कड़ाई से पूछताछ की। तब आरोपी पति ने घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त की गईं दो बाइक, गमछा, फावड़ा, तसला, बाल्टी, मोबाइल फोन, टूटी चूड़ियां, पायल, अधजली लकड़ी, शव के अवशेष, बिछुए व अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हो गए। इसके बाद पुलिस ने रामभान यादव और चंदेल को भी पकड़ लिया।
महिला के लापता होने के दिन ही जेठ लटक गया था फंदे पर
गांव सर्वा से महिला के लापता होने के दिन ही एक व दो जून की रात जेठ चंद्रपाल ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। एक ही दिन महिला के लापता होने और उसके जेठ के आत्महत्या करने का भी सवाल पुलिस के लिए गुत्थी बनी रही। पुलिस ने बताया कि जेठ महिला की हत्या में शामिल था। महिला की हत्या के बाद जेठ चंद्रपाल ने आत्मग्लानि में आत्महत्या कर ली।
शक के चलते उठाया यह कदम
सत्यवती की हत्या के मामले में पुलिस खुलकर कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। यहां तक की परिवार भी कुछ नहीं बोल रहा। गांव में चर्चा है कि सत्यवती के चाल-चलन को लेकर हमेशा उसकी पति जयसिंह यादव की लड़ाई होती रहती थी, लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि वह उसकी हत्या कर देगा।
बहनोई भी पुलिस के निशाने पर पुलिस ने पति की निशानदेही पर पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सूत्रों की मानें तो इस पूछताछ के दौरान बहनोई का भी नाम इस घटना में सामने आ रहा है। ऐसे में पुलिस ने बहनोई की भी तलाश शुरू कर दी है।
बदलते बयानों ने खोला हत्या का राज
सत्यवती के लापता होने के बाद गांव में उसके कहीं चले जाने की चर्चाएं होती रहीं। परिजनों की ओर से तत्काल पुलिस को सूचना न दिए जाने से मामला शुरू से ही संदिग्ध बना रहा। बाद में महिला के पिता राजवीर सिंह की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने व्यवस्थित तरीके से जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने परिजनों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की। इस दौरान पति के बयान बार-बार बदलने लगे। इससे जांच का रुख हत्या की ओर मुड़ गया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया।
सीओ बिसौली अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि महिला की हत्या के मामले में पति समेत तीन को गिरफ्तार किया गया है। विवेचना के आधार पर रिपोर्ट में साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। आरोपी सर्वेश यादव और विजय यादव फरार हैं। उनकी तलाश के लिए टीम दबिश दे रही है।
राह ताकते तीन मासूम जानते ही नहीं अब मां कभी नहीं लौटेगी
सत्यवती के हत्याकांड ने तीन मासूम बच्चों की दुनिया उजाड़ दी है। बड़ी बेटी साक्षी और उसके दो छोटे भाई प्रशांत व निशांत अब अपनी दादी विद्यावती के सहारे हैं। राह ताक रहे बच्चों को यह एहसास तक नहीं है कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही।
जयसिंह का परिवार पहले से ही विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहा था। बच्चों के एक चाचा चंद्रकेश यादव मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जाते हैं, जबकि दूसरे ताऊ चंद्रपाल की मौत हो चुकी है। ऐसे में परिवार पर एक साथ कई दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
दादी विद्यावती खुद गहरे सदमे में हैं। वह अपने आंसुओं को छिपाकर बच्चों को संभालने का प्रयास कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे बार-बार अपनी मां के बारे में पूछते हैं और उसके लौटने का इंतजार करते हैं।