न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश रीता कौशिक ने दुष्कर्म के मामले में नामजद आरोपी को दस साल की कड़ी कैद सहित चालीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एतक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतने की सजा सुनाई है।
घटना थाना सहसवान क्षेत्र के गांव मचौना की मढइया की है। गांव के एक व्यक्ति ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री उम्र 12 वर्ष 24 सितंबर 2011 को स्कूल से घर आने के बाद समय करीब चार बजे अपनी मां के साथ खेत पर जा रही थी कि गांव से निकलकर वादी की पत्नी कुछ दूर आगे निकल गई और पीड़िता कुछ पीछे रह गई। उसी समय सुभाष के बाजरे के खेत में से हरनाम पुत्र अंबासहाय निवासी मचौना की मढइया निकलकर आया और उसने वादी की नाबालिग पुत्री का मुंह दबाकर उसे जबरदस्ती अपने दो अज्ञात साथियों की मदद से घसीटता हुआ बाजरे के खेत में ले जाने लगा। तभी पीड़िता की चीख सुनकर वादी की पत्नी अपनी बेटी को छुड़ाने के लिए दौड़ी तो हरनाम ने आगे बढने पर जान से मारने की धमकी दी। जिस कारण वादी की पत्नी ज्यादा दूर तक उनका पीछा न कर सकी। उसने घर आकर सारी बात बताई। वादी अपने साथ घर वालों को लेकर घटना स्थल पर जाकर खेतों में अपनी नाबालिग पुत्री को तलाश किया लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। वादी ने आरोपी हरनाम के घर आकर उसका मोबाइल नंबर लेकर संपर्क करना चाहा तो उसका मोबाइल नंबर बंद मिला।
जज श्रीमती कौशिक ने पत्रावती पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। अभियोजना की ओर से प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी हरनाम को अपहरण कर दुष्कर्म करने का दोषी पाकर दस वर्ष की कड़ी कैद सहित चालीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की धनराशि में से बतौर मुआवजा पचास फीसदी पीड़िता को देने का भी आदेश सुनाया है।
एसओ बिनावर के विरुद्ध कोर्ट में परिवाद दायर
बदायूं। सीजेएम बदायूं की अदालत में ग्राम कुंडरा थाना बिनावर निवासी एक महिला ने एसओ बिनावर जमीरुल हसन समेत दो के खिलाफ जातिसूचक गालियां, छेड़छाड़, मारपीट व जान से मारने की धमकी का परिवाद दायर किया है। सीजेएम पुनीत कुमार गुप्ता ने थाने से रिपोर्ट तलब की है। जिस पर सुनवाई चार जुलाई को होगी।
थाना बिनावर के कुंडरा गांव की महिला ने अपने अपने 156 (3) के प्रार्थना पत्र में गांव के धर्मेंद्र पुत्र वीरेंद्र पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त आरोपी ने 18 जून की रात तीन बजे उसकी छत पर आकर उसे बुरी नीयत से दबोच लिया। पीडित महिला 19 जून को जब थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराने गई तो एसओ बिनावर जमीरुल हसन ने पीड़िता को जातिसूचक गालियां देते हुए थाने से भगा दिया। और धमकी दी कि उसके सारे परिवार को जेल में बंद कर दूंगा। सीजेएम पुनीत कुमार गुप्ता ने थाना बिनावर से आख्या तलब कर सुनवाई की तारीख चार जुलाई मुकर्रर की है।