मलेरिया ने 20 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। पहली जिले में एक महीने के भीतर मलेरिया के रोगियों की संख्या हजारों में पहुंच गई है। इस दौरान मलेरिया से 22 लोगों की मौत भी हुई। मरीजों की स्लाइड जांच में मलेरिया के सबसे घातक वायरस फाल्सीपैरम मलेरिया की पुष्टि से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। जगत ब्लाक के एक दर्जन गांवों में मलेरिया का प्रकोप एक महीने से बना हुआ है। जिले में डॉक्टरों की किल्लत के बीच लोगों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है।
अगस्त के पहले सप्ताह में मलेरिया का प्रकोप शुरू हुआ था। सबसे पहले जगत ब्लाक के गांव उपरैला में मलेरिया ने कहर बरपाया। यहां स्थिति सामान्य हुई तो उपरैला के आस-पास के गांवों में मलेरिया फैल गया। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 20 साल में यह पहली मर्तबा है जब मलेरिया ने जिले में व्यापक स्तर पर कहर बरपाया है। अब तक मलेरिया से इतनी मौतों कभी नहीं हुईं।
लगातार बिगड़ रही स्थिति से स्वास्थ्य विभाग भी परेशान है। गांवों में लगातार मच्छररोधी दवाओं के छिड़काव के साथ मलेरिया की दवाओं का वितरण हो रहा है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो 200 से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा है। हालांकि निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले इसमें शामिल नहीं हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज 1200 से 1400 मरीज पहुंच रहे हैं।
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मलेरिया के लक्षण-
-मलेरिया में अचानक तेज बुखार जाड़ा देकर कंपकपी के साथ आता है । यह स्थिति 15 मिनट से लेकर एक घंटे तक हो सकती है।
-बुखार में मरीज के शरीर का ताप 100 डिग्री सेंटीग्रेट से भी ज्यादा हो सकता है। रोगी को अपने शरीर से गर्मी एवं जलन महसूस होती है। इससे अचानक सिर दर्द हो सकता है।
- मलेरिया का बुखार तेज पसीना छूटने के साथ घटने लगता है। यह स्थिति दो से चार घंटे तक रह सकती है। बुखार बार-बार कुछ निश्चित अवधि के बाद आता हैं। जब भी बुखार ठंड एवं कंपकपी के साथ आया है तो यह आशंका हो सकती है कि उसे मलेरिया हो सकता है।
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बचाव-
-रात में सोते समय मच्छरदानी अवश्य लगाएँ।
-शाम के समय शरीर में नीम या करंज का तेल लगाने से मच्छर नहीं काटते।
-घर के आस-पास के गड्ढों और नालियों में पानी जमा न होने दें।
-घर के आस-पास झाडिय़ों में मच्छर छिपते हैं। इन झाडिय़ों को काटकर साफ कर दें।
-टूटे-फूटे बत्र्तन, घड़े, पुराने टायर आदि में पानी जमा न होने दें।
-नीम के तेल को पानी में मिलकर स्प्रे करने से मच्छर मरते हैं।
-डी.डी.टी. या किसी अन्य कीटनाशक का समय-समय पर छिड़काव कराते रहें।
वर्जन-
स्थिति अब सामान्य हो रही है। जिन गांवों में मलेरिया के रोगी मिले हैं वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार कैंप कर रही हैं। एंबुलेंस को भी लगाया गया है। बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल के सीएमएस से भी बात की गई है।-डॉ. आरडी तिवारी, सीएमओ
सीएमओ ने किया कई गांवों का दौरा
बदायूं। सीएमओ डॉ. आरडी तिवारी ने शनिवार को जगत ब्लाक के कई गांवों का दौरा कर स्थिति जानी। उन्होंने ग्रामीणों से बात की। इन गांवों में लगीं स्वास्थ्य विभाग की टीमों से भी उन्होंने फीड बैक लिया। जरूरी निर्देश दिए। कुतरई, उपरैला, बूचा नगला आदि गांवों का दौरा करने के बाद सीएमओ जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने इलाज करा रहे बुखार पीड़ितों से बात की।