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Budaun News: उझानी बिजली उपकेंद्र में 32.72 लाख रुपये का गबन, कैशियर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Mon, 30 Mar 2026 11:58 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बरेली में बिजली निगम के कैशियर ने 32.72 लाख रुपये का गबन कर दिया। आरोपी बिजली काउंटर पर दो साल तक अभिलेखों में छेड़छाड़ करता रहा। जांच में इसका खुलासा हुआ तो अफसर भी हैरान रह गए। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं में बिजली निगम के उझानी उपकेंद्र से जुड़ा 32.72 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। काउंटर पर बैठकर बिजली बिल जमा किया गया, लेकिन उसे सरकारी खाते में जमा न कर आरोपी कैशियर ने खुद हजम कर लिया। बताया जा रहा है कि विभाग के राजस्व संग्रह अनुभाग में तैनात कैशियर ने करीब दो वर्षों तक विभागीय धनराशि को खाते में जमा न कर अभिलेखों में हेरफेर के जरिये गोलमाल किया। अब मार्च में चल रही विभागीय ऑडिट में मामले का खुलासा होते ही अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

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मुनिंद्र पाल सिंह (तकनीशियन विद्युत) को राजस्व संग्रह का कार्य सौंपा गया था। यह बिल काउंटर पर काम देखता था। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र प्रकाश गौतम की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपी ने 1 मई 2024 से 16 मार्च 2026 तक विभागीय राजस्व की कुल 32,72,313 रुपये की राशि को सरकारी खाते में जमा नहीं किया।

आरोप है कि उसने सुनियोजित तरीके से अभिलेखों में गड़बड़ी कर रकम को छिपाए रखा। मामले का भंडाफोड़ उस समय हुआ जब खंडीय लेखाकार द्वारा नियमित अभिलेखों का मिलान और सत्यापन किया गया। जांच के दौरान आंकड़ों में भारी अंतर सामने आया, इससे अधिकारियों के होश उड़ गए। इसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई, इसमें गबन की पुष्टि हो गई।

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जांच में हुआ खुलासा 
आरोपी कैशियर लंबे समय से विभागीय रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। वह इस तरह से हिसाब-किताब तैयार करता था कि पहली नजर में कोई गड़बड़ी पकड़ में न आए। हालांकि, गहन जांच के दौरान उसकी पूरी करतूत उजागर हो गई। गबन की जानकारी मिलते ही विभाग में अफरातफरी का माहौल बन गया। हेड कैशियर सहित संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की गई और पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई। करीब पांच दिनों तक विभागीय स्तर पर लगातार मंथन और जांच का दौर चलता रहा।

प्रारंभिक विभागीय जांच पूरी होने के बाद अधिशासी अभियंता की ओर से कोतवाली उझानी में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। कोतवाल प्रवीण कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच में फंसेगी कई अन्य कर्मियों व जिम्मेदारों की गर्दन
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गबन में आरोपी अकेले शामिल था या फिर इसमें किसी अन्य कर्मचारी की भी मिलीभगत है। वहीं, इस घटना ने विभाग की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि का गबन लंबे समय तक चलता रहा, इससे स्पष्ट है कि लेखा परीक्षण और निगरानी प्रणाली में कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है। अब देखना यह होगा कि जांच में और कौन-कौन लोग इस मामले में लिप्त पाए जाते हैं और विभाग दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई करता है।
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मुख्य लेखाकार निलंबित, पांच सदस्यीय टीम करेगी जांच
उझानी बिजली उपकेंद्र पर हुए घपले के मामले में विभाग के आरोपी सहायक लेखाकर मुनिंद्र पाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इस मामले में जहां मुनिंद्र पाल सिंह को विभाग ने निलंबित किया है। मामले की जानकारी होने के बाद भी उच्चाधिकारियों को इस बारे में न बताने के आरोप में मुख्य लेखाकार निर्भय सक्सेना को भी निलंबित किया गया है।

अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले की जांच के लिए चीफ इंजीनियर बरेली के निर्देश पर पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। जांच टीम में लेखा विभाग से जुड़े दो अधिकारी बदायूं व तीन बरेली के शामिल है। उन्होंने बताया जांच के बाद जो भी दोषी मिलेगा उनके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
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