उझानी। बारिश ने मक्का उत्पादक किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। गहाई के बाद भीगी मक्का की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही भाव में भी तेजी से गिरावट आई है। बारिश से पहले तक अच्छी गुणवत्ता की मक्का का भाव मंडी में 21 सौ रुपये प्रति क्विंटल था, दाने दागदार होने पर तीसरी श्रेणी में पहुंचते ही पांच सौ रुपये कम हो गए।
कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में पिछले दिनों तक अधिकतर आढ़तों पर मक्का के सिवाय कोई अनाज नजर नहीं आ रहा था। बारिश के बाद करीब 40 फीसदी आवक में गिरावट हुई है। आढ़ती अमर सिंह ने बताया कि बारिश की वजह से मक्का दागी हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान गहाई के बाद खुले में पड़ी मक्का को हुआ है। अच्छी गुणवत्ता और पूरी तरह सूखी मक्का का थोक भाव 21 सौ रुपये प्रति क्विंटल बना हुआ है, लेकिन दागी मक्का के खरीदने से आढ़ती भी बच रहे हैं।
बारिश से गुणवत्ता प्रभावित होने पर मक्का को दो श्रेणी में रखकर खरीदा जा रहा है। किसान चंद्रपाल ने बताया कि सोमवार दोपहर में उन्होंने 16 सौ रुपये प्रति क्विंटल के भाव से मक्का बेची। भीग जाने की वजह से मक्का की गुणवत्ता प्रभावित हो गई थी। खराब गुणवत्ता वाली द्वितीय श्रेणी की मक्का का भाव 17 सौ रुपये प्रति क्विंटल रहा। दरअसल, बारिश का सबसे ज्यादा नुकसान मक्का उत्पादक किसानों को हुआ है। अचानक ही गुणवत्ता के साथ ही भाव में गिरावट ने उनका आर्थिक गणित गड़बड़ा दिया है। मौसम की मार के एक ही झटके में उन्हें पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो गया।
सरकारी क्रय केंद्र पर हुई 350 क्विंटल की खरीद
- खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से मंडी परिसर में सरकारी क्रय केंद्र स्थापित किया गया है। क्रय केंद्र पर हालांकि पिछले महीने ही खरीद शुरू हो गई थी, लेकिन खरीद की गति कछुआ चाल चल रही है। क्रय केंद्र प्रभारी मुनीश कुमार ने बताया कि अब तक 350 क्विंटल मक्का की खरीद हुई है।
- मंडी समिति में इस सीजन में अब तक करीब नौ लाख क्विंटल मक्का की खरीद हो जाने का अनुमान है। आढ़तों पर खरीद तो अभी भी चल रही है, लेकिन आवक कम हो गई है। मौसम खराब होने की वजह से किसानों ने कटाई और गहाई रोक दी है। किसान अगर गहाई करा लेते हैं तो बारिश हो जाने पर मक्का भीग जाने का खतरा बना हुआ है।
- रिंकू कुमार, सचिव, कृषि उत्पादन मंडी समिति