बदायूं। नाबालिग को ले जाने और सामूहिक दुष्कर्म करने के नौ साल पुराने मामले में कोर्ट ने मुख्य अभियुक्त और अन्य पांच अभियुक्तों को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नीलांजना की कोर्ट ने दोषसिद्ध मुख्य अभियुक्त राजू को आजीवन कारावास और सगे भाई संजू, अवनीश व प्रमोद और सगे भाई राजीव, हरेंद्र को 20-20 साल कारावास की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 70-70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 17 सितंबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता के पिता ने बताया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को 28 अगस्त 2017 की रात गांव के ही राजू समेत अवनीश, उसका भाई संजू व प्रमोद के अलावा राजीव व उसका भाई हरेंद्र बहलाकर ले गए थे। तहरीर में कहा गया कि इससे पहले भी अवनीश व संजू के सहयोग से राजू उसकी बेटी को ले जा चुका था, जिसका मुकदमा दर्ज है। उसमें आरोपी जेल गया था। राजू जमानत पर है। पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की।
पुलिस ने विवेचना कर किशोरी को बरामद कर लिया था। पीड़िता के बयान कराए, उसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों पर सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो, धमकी सहित कई धाराओं में वृद्धि की। पीड़िता ने कोर्ट में बताया था कि 28 अगस्त 2017 की रात करीब आठ बजे वह अपने पुराने घर जा रही थी। वहां भैया-भाभी रहते हैं। नए घर से कुछ दूरी पर पुराना घर है। रास्ते में लाइटें जल रही थीं। तभी गांव का ही राजू, संजू,अवनीश, हरेंद्र, राजीव व प्रमोद मिले। सभी ने मुझे पकड़ लिया और मुंह बंद कर गाड़ी में डाल लिया। बदायूं में किसी कमरे में बंदकर रखा। वहां सभी ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद इलाहाबाद ले गए। वहां मुझसे झूठे बयान दिलवाए।
धमकाया कि यदि बयान नहीं देगी तो तुझे व तेरे परिवार को जान से मार देंगे। वहां ढाई माह तक बंधक बनाकर रखा और बलात्कार करते रहे। बाद में पुलिस के दबाव में थाने पहुंचा दिया।पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। इधर, कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अहम फैसला सुनाया है। जुर्माने की रकम पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दी जाएगी।