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Budaun News: माहौर वैश्य धर्मशाला पर फर्जी कागजात बनाकर कब्जा

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- फर्जी शपथपत्र बनवाकर अध्यक्ष पर लगाया चोरी का आरोप
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- वर्ष 2016 में सिटी मजिस्ट्रेट ने किया था, दी गई थी कोतवाली और सिविल लाइंस पुलिस को सूचना

संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। शहर में नई सराय पुलिस चौकी के सामने माहौर वैश्य धर्मशाला पर फर्जी कागजात बनाकर और ताले तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया गया। धर्मशाला के अध्यक्ष ने कोतवाली में कब्जा करने वाले संजीव गुप्ता उर्फ पुखराज और दिपेंद्र गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में इंदिरा चौक निवासी संत कुमार गुप्ता पुत्र केदारनाथ गुप्ता के मुताबिक वह नई सराय पुलिस चौकी के सामने स्थित माहौर वैश्य धर्मशाला के अध्यक्ष हैं। इसके शिव ओम गुप्ता उपाध्यक्ष, राजीव गुप्ता महामंत्री और डॉ. यश गुप्ता सहमंत्री हैं। वर्ष 2016 में धर्मशाला के संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में एक मुकदमा भी चला था, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट ने 21 नवंबर 2016 को एक आदेश पारित किया था। उन्होंने आदेश में लिखा था कि तमाम साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर संत कुमार गुप्ता को अध्यक्ष माना जाता है। उन्होंने सिविल लाइंस और कोतवाली पुलिस को आदेश भी दिए थे कि धर्मशाला पर अन्य किसी का कब्जा नहीं होना चाहिए। शांति व्यवस्था के लिहाज से धर्मशाला पर नजर रखी जाए। तब से संत कुमार धर्मशाला पर काबिज चले आ रहे थे लेकिन कुछ दिन पहले मोहल्ला ब्राहमपुर निवासी संजीव गुप्ता उर्फ पुखराज पुत्र रामकिशोर गुप्ता और ब्राहमपुर के ही दिपेंद्र गुप्ता ने फर्जी शपथपत्र बनवाकर कोतवाली पुलिस को दिए और ताला तोड़कर धर्मशाला पर कब्जा कर लिया। साथ ही संत कुमार पर धर्मशाला का सामान चोरी करने का आरोप लगाया। पुलिस ने संत कुमार के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज भी कर लिया।
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दूसरी तरफ जब संत कुमार को कब्जे की सूचना मिली तो उन्होंने कोतवाली जाकर सिटी मजिस्ट्रेट का आदेश दिखाया। साथ ही उन्होंने संजीव गुप्ता और दिपेंद्र के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी।बताया कि संजीव गुप्ता भूमाफिया है और सरकारी तार की चोरी के मामले में वांछित है। दिपेंद्र के साथ वह धर्मशाला को बेचना चाहता है। इंस्पेक्टर राजीव कुमार तोमर ने बताया कि संजीव और दिपेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी अभिलेख बनाने समेत संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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