प्रसिद्ध पेपल के शिवमंदिर में स्थापित शिवलिंग। संवाद
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बगरैन (बदायूं)। पेंपल गांव का प्राचीन शिव मंदिर शिव भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां महाशिवरात्रि को खास आयोजन होता है और पूरे दिन भक्तों व कांवड़ियों की भीड़ रहती है। अभी से हरिद्वार व कछला घाट से कांवड़िए यहां जल लेकर पहुंच रहे हैं।
क्षेत्र के गांव पेंपल में सोमवार को प्राचीन शिव मंदिर की साफ सफाई की गई। शिव मंदिर पर महाशिवरात्रि की सुबह से लगातार 24 घंटे तक विशेष आयोजन होने हैं। मंदिर के महंत रहे शंकर शर्मा का परिवार कई पीढ़ियों से मंदिर की सेवा में लगा था। शंकर शर्मा खुद 35 साल से महंत का काम देख रहे थे पर दो साल पहले उनका स्वर्गवास हो गया। अब उनकी जगह विनीत शर्मा महंत हैं।
विनीत शर्मा ने बताया कि मंदिर तीन सौ साल से ज्यादा पुराना है। मान्यता है कि प्राचीन शिव मंदिर पर लगभग उसी समय से रामलीला व शिवलीला होती है। पहले गांववालों ने आपसी सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था।
कुछ बुजुर्गों का कहना है कि बरसों पहले किसी हिंदू राजा ने मंदिर की स्थापना की थी। करीब बीस फुट ऊंचाई पर बना यह मंदिर ककईया ईंटों से बना था। जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में इसका नाम है। तभी सीएम योगी ने योजना के तहत उप्र पर्यटन विभाग को 49.92 लाख रुपये देकर मंदिर का सौंदर्यीकरण कराया। मंदिर की ऊंचाई सत्तर फुट है। ये मंदिर गांव के बीच में है। यहां बहुत दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए आते हैं। हर समय भीड़ लगी रहती है।
महंत विनीत शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन सुबह चार बजे से जलाभिषेक शुरू होगा। इसके बाद करीब चौबीस घंटे तक अलग-अलग कार्यक्रम होंगे।