ओवरलोड जिला जेल से माफिया और डॉन को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने का काम शुरू हो गया है। पूर्वांचल के माफिया पंकज सिंह को गोंडा जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि, अब भी जिला जेल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के 12 माफिया और डॉन बचे हैं। जो जेल प्रशासन के लिए किसी सिरदर्द से कम नहीं हैं। इनकी कड़ी निगरानी की जा रही है।
बदायूं की जिला जेल की क्षमता 529 बंदी और कैदियों की है। इनकी सुरक्षा के लिए बंदी रक्षकों के 50 पद हैं। लेकिन, सिर्फ 29 बंदी रक्षकों की तैनाती है। गौर करने वाली बात यह है कि इस समय जेल में करीब 2100 बंदी और कैदी हैं। इनमें करीब 625 सजायाफ्ता और बाकी अंडरट्रायल हैं। इनकी निगरानी का जिम्मा सिर्फ 29 बंदी रक्षकों पर है। सजायाफ्ता कैदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट कर जेल में संख्या कुछ कम की जा सकती है। लेकिन, ऐसा नहीं किया जा रहा। उच्च अधिकारी जेल की स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रहे। इतना ही नहीं स्टाफ की पूर्ति पर भी गौर नहीं किया जा रहा।
पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के माफिया को करीब एक साल के बाद दूसरी जिलों में शिफ्ट करने का काम शुरू होने के बाद जेल प्रशासन को कुछ राहत मिलने लगी है। मुख्तार अंसार के करीबी पंकज सिंह उर्फ विनय सिंह को प्रशासनिक आधार पर करीब एक साल पहले जौनपुर से बदायूं जेल में शिफ्ट किया गया था। इसे गोंडा जेल भेज दिया गया है। उम्मीद है कि बाकी 12 माफिया को जल्द दूसरी जिलों में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
बंदियों और कैदियों पर पूरी नजर रखी जा रही है। कुछ खूंखार अपराधियों को हाई सिक्योरिटी जेलों में शिफ्ट कराने के लिए भी उच्च अधिकारियों को लिखा गया था। पंकज सिंह को गोंडा जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।-अरविंद पांडेय, जेलर