जिला पंचायत अध्यक्ष पद को एक जनवरी से चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस दिन नामांकन हुआ। नामांकन पत्रों की जांच भी हो गई। नामांकन पत्र बसपा नेता योगेंद्र सागर की पत्नी प्रीति सागर और भाजपा से जुड़ी दमयंती वर्मा ने भी खरीदे थे, लेकिन नामांकन पत्र केवल सपा प्रत्याशी बिसौली विधायक आशुतोष मौर्य की बहन मधु चंद्रा ने कराया। इसलिए वह निर्विरोध निर्वाचित हो गईं। नाम वापसी की प्रक्रिया चार जनवरी को पूरी हुई। इससे जिला निर्वाचन अधिकारी को जीत का प्रमाण पत्र देने के लिए रुकना पड़ता। चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान से पहले ही उन्हें निर्विरोध विजयी घोषित कर प्रमाण पत्र दे दिया गया।
समाजवादी पार्टी ने यह सीट बसपा की पूनम यादव से छीनी है। उनका कार्यकाल 13 जनवरी को समाप्त हो रहा है। इसलिए मधु चंद्रा को 14 जनवरी को शपथ दिलाई जा सकती है। पहली बार आरक्षण में अनुसूचित जाति से अध्यक्ष बनी मधु चंद्रा का अध्यक्ष बनना ऐतिहासिक माना जाएगा। उनके भाई बिसौली के विधायक हैं तो उनकी भाभी बिल्सी नगर पालिका परिषद की चेयरमैन।
प्रमाण पत्र मिलने पर जिले के अग्रणी पंक्ति के सपा नेताओं में जिला महासचिव सुरेश पाल सिंह चौहान, सांसद प्रतिनिधि अवधेश यादव, निजी सचिव विपिन कुमार यादव, डीसीडीएफ के चेयरमैन हिमांशु यादव, बलवीर सिंह यादव, बिल्सी की चेयरमैन सुषमा मौर्य, हाजी इरफान, महेंद्र प्रताप, सुरेंद्र सिंह यादव, निहाल मौर्य, डॉ. शकील, जमाउल नवी खां, राजू यादव, घनश्याम महेश्वरी, प्रभात अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर खुशी का इजहार कर मिठाई बांटी और आतिशबाजी छोड़ी।