जहां एक ओर सूख रही नदियों-तालाबों को पुनर्जीवित कराने के मकसद से जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने संबंधित क्षेत्रों के उप जिलाधिकारियों को तालाबों को चिह्नित कराने के निर्देश दिए हैं, वहीं आंतर गांव में कुछ लोगों ने लेखपाल की मिली भगत से तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बनवा लिया है लेकिन प्रशासनिक अमला इससे बेखबर है ।
विकास खंड दहगवां और थाना जरीफ नगर के गांव आंतर में विजयगढ़ी मार्ग पर ग्रामसभा की लगभग 18 विस्वा भूमि का एक पुराना तालाब है, जिसमें पिछले कई वर्षों से पानी नहीं भरा गया है। बताते चले कि यह तालाब आबादी के बीच है। तालाब की भूमि की शिकायत जब हल्का लेखपाल से गई तो मौके पर पहुंचकर लेखपाल ने तालाब की पैमाइश की लेकिन ग्रामीणों ने लेखपाल से साठगांठ कर मामला वहीं दबा दिया। तबसे लेकर आज तक तालाब की भूमि कब्जा मुक्त नहीं हो पाई है और अवैध कब्जा बरकरार है। ग्राम प्रधान महेश चंद्र से इस संबंध में पूछा गया तो बताया कि तालाब की भूमि पर कब्जा है। लेखपाल ने मुआयना करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं कराई। तालाब को तो प्रशासन ही मुक्त करा सकता है।