सहसवान। प्रशासन के फरमान को मानकर गांव खागी नगला के 15 परिवार बुधवार को बांध के पास सुरक्षित जगह पर रहने लगे थे। लगातार गंगा में पानी कम होने के बाद लोग अब अपने-अपने घर लौट आए हैं। हालांकि, अभी तक प्रशासन ने राहत सामग्री पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई है। वहीं, बिजली व्यवस्था न होने से मोमबत्ती के सहारे भी लोग रहने को मजबूर हैं।
जंगल में अस्थायी घर तो बनवा दिए गए लेकिन प्रशासन के दावे हवा हवाई साबित हुए हैं। 48 घंटे जैसे काटे हैं, वह हम ही जान सकते हैं। रात को जंगली जानवर और सांप, बिच्छू बच्चों को जागकर रात काटनी पड़ी। खाने पीने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। घर से जाकर ही सामान लाना पड़ा। अब पानी कम होने पर घर लौट आए।
द्रोपा देवी, खागी नगला
अशियाना बनाने में दो दिन लग गए। बाढ़ का खतरा टल गया तो घर लौट आए हैं। अब आशियाना उजड़ने का डर सता रहा है। अगर बाढ़ का पानी गांव की ओर आया तो फिर से सुरक्षित स्थान पर ही जाना होगा। सुरेंद्र सिंह, खागी नगला