समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जा रही वृद्धावस्था पेंशन में कई लाभार्थी वंचित रहे तो खलबली मच गई। जिला समाज कल्याण अधिकारी के पास शिकायतों का पुलिंदा जमा हो गया तो जानकारी में पाया कि लखनऊ से तो पेंशन चली है लेकिन बैंक में आरटीजीएस/एनईएफटी सुविधा न होने के कारण पेंशन अटक गई है। इसके समाधान के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा शासन और संबंधित बैंक प्रबंधन से संपर्क कर खामियां दूर की जा रही हैं।
जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा जिले में वृद्धावस्था पेंशन का 6614 लाभार्थी लाभ उठा रहे हैं। पेंशन की धनराशि के लिए प्रदेश शासन का पहले एक्सिस बैंक से टाइअप था लेकिन बाद में आईसीआईसीआई बैंक के माध्यम से पेंशन राशि का जिम्मा सौंप दिया गया। सभी 6614 लाभाथियों की बेनीफीसरी फाइल (भुगतान सूची) कंप्यूटर पर फीड हो चुकी है। इसी आधार पर विभाग नेे वृद्धावस्था पेंशन संबंधित लाभार्थियों के खाते में भेज दी। बदायूं जिला सहकारी बैंक में भी पेंशन धारकों के खाते हैं लेकिन आरटीजीएस/एनईएफटी सुविधा न होने पर लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल सका। लाभार्थियों को जब पेंशन नहीं मिली तो उन्होंने शिकायतें शुरू कर दीं। शिकायतें शुरू हुईं तो थमने को नाम नहीं लिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी एनके पाठक ने इस प्रकरण में शासन और संबंधित बैंक प्रबंधन से संपर्क कर सुधार के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
लोहिया गांवों के निरीक्षण में पकड़ा गया प्रकरण
डीएम और सीडीओ द्वारा लोहिया गांवों में विकास और योजनाओं की समीक्षा के दौरान वृद्धावस्था पेंशन के अटके हुए मामले की पकड़ हो सकी। कंप्यूटर में पेंशन भोगियों का नेट पर भुगतान दिखाई देता रहा लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिल रहा था। जिला समाज कल्याण अधिकारी पाठक ने इस संबंध में पता लगाया तो स्थिति स्पष्ट हुई। अब शासन और बैंक स्तर से इसके सुधार के प्रयास शुरू हो गए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया जल्दी ही समस्या का समाधान होगा।