बदायूं। पूर्ति विभाग ने रसोई गैस रिफिलिंग के गोरखधंधे में नेता जी के दबाव में गैस माफिया को पूरी तरह से बचा दिया है। गोदाम पर काम करने वाले एक मामूली कर्मचारी श्याम अरोड़ा के खिलाफ रविवार शाम तीसरे दिन पूर्ति निरीक्षक द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर पूर्ति विभाग दो दिन तक ऊहापोह की स्थिति में बना रहा। दरअसल, रसोई गैस माफिया पर कार्रवाई हो यह नेताजी चाहते ही नहीं। यह पहला मौका नहीं है जब किसी गोरखधंधे में कार्रवाई को लेकर नेताजी आड़े आए हों। इससे पहले गोकशी पर लगाम लगाने को लेकर नेता जी के निशाने पर आए एसओ बिनावर हरिभान सिंह का तबादला अब बरेली जोन से बाहर हो चुका है। एसओ कुंवरगांव सुधाकर सिंह भी अवैध धंधे रोकने पर नेता जी के निशाने पर आए और जोन से ही बाहर चले गए।
सिविल लाइंस थाने के बिल्सी रोड स्थित लौड़ा बहेड़ी गांव में शुक्रवार शाम गैस रिफिलिंग के दौरान सिलिंडर में आग लग गई थी। इससे झोपड़ी ने भी आग पकड़ ली। सूचना पर फायर ब्रिगेड के साथ सिविल लाइंस पुलिस भी पहुंच गई थी। यहां पहुंचने पर रसोई गैस रिफिलिंग के बड़े धंधे का भंडाफोड़ हुआ। नरेंद्र गुप्ता और श्याम अरोड़ा नाम के दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। मामले में एफआईआर पूर्ति विभाग को दर्ज करानी थी। गौर करने वाली बात यह है कि प्रारंभिक जांच में मोहल्ला खंडसारी निवासी रसोई गैस माफिया का नाम सामने आया था। रसोई माफिया ने काले धंधों पर पर्दा डालने के लिए सराफा की दुकान भी खोल रखी है। शुक्रवार को रिफिलिंग का गोरखधंधा पकड़ा जाने के बाद से ही गैस माफिया नेताजी के गुर्गों के संपर्क में था। नेताजी इन दिनों लखनऊ में थे। आखिर पूर्ति विभाग ने माफिया को बचाकर रिफिलिंग के गोरखधंधे में नौकर को फंसा दिया है।
सिविल लाइंस पुलिस का गुडवर्क, पूर्ति विभाग ने कर दी लीपापोती
- सिविल लाइंस थाने के गांव लौड़ा बहेड़ी में शुक्रवार को रसोई गैस रिफिलिंग के बड़े गोरखधंधे का सिविल लाइंस पुलिस ने ही भंडाफोड़ किया था। बाद में यह मामला पूर्ति विभाग के हाथों चला गया। पूर्ति विभाग ने भी मौके से बरामद 240 सिलिंडर अलापुर गैस एजेंसी की सुपुर्दगी में दे दिए। शुक्रवार शाम को गोरखधंधा पकड़ा गया था। पूर्ति विभाग को मामले में रिपोर्ट दर्ज करानी थी। पूरे मामले में दो दिन लीपापोती करने के बाद पूर्ति विभाग ने रविवार शाम तीसरे दिन गोदाम के कर्मचारी श्याम अरोड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। रसोई गैस माफिया का दूर-दूर तक नहीं नहीं है।
एक पूर्ति निरीक्षक की देखरेख में होता है रिफिलिंग का अवैध धंधा
-पूर्ति कार्यालय के एक पूर्ति निरीक्षक की देखरेख रिफिलिंग का पूरा गोरखधंधा होता है। सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को लौड़ा बहेड़ी में तीन घरों से ही 240 सिलिंडर बरामद किए गए थे। अगर आसपास के और घरों को खंगाला जाता तो और भी सिलिंडर मिल सकते थे। पूर्ति विभाग की टीम के पहुंचने के बाद मौके पर पुलिस की कार्रवाई ही डंप हो गई थी। माफिया ने खंडसारी मोहल्ले में भी एक गोदाम बना रखा है। वह लंबे समय से यह गोखधंधा कर रहा है। सपा सरकार के दौरान तत्कालीन सांसद धर्मेंद्र यादव का करीबी बना रहा। सत्ता परिवर्तन होने के बाद भाजपा के नेताजी का करीबी हो गया है। माफिया इसी तरह बेरोकओक अपना धंधा चला रहा है। पूर्ति निरीक्षक का उसे पूरा संरक्षण मिल रहा है।
कोई दबाव नहीं था। आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने को डीएम से अनुमोदन लेना होता है। इसमें कुछ देर लगी। मौके से श्याम अरोड़ा नाम के व्यक्ति को डीलिंग करते पकड़ा गया था। उसी को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
पूर्ति विभाग की तहरीर पर श्याम अरोड़ा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा ली गई है। विवेचना में जो भी नाम सामने आते हैं उनको भी चार्जशीट में शामिल किया जाएगा। कड़ी कार्रवाई की जाएगी।- ओपी गौतम, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस