बदायूं। पुरी की तर्ज पर बृहस्पतिवार की शाम जगन्नाथ प्रभु की रथयात्रा शहर में हर्षोल्लास से निकाली गई। बिरुआबाड़ी मंदिर से शुरू हुई रथयात्रा पूरे शहर में घूमी और देर रात मंदिर पहुंचकर संपन्न हो गई। इस दौरान बदायूं नगरी जगन्नाथ प्रभु के जयकारों से गूंज उठी।
यात्रा का शुभारंभ सोहम गीता मंदिर ट्रस्ट रामबाड़ा के सह प्रबंधक अमित रस्तोगी ने छेरा पहरा रस्म निभाकर किया। उन्होंने चांदी की झाड़ू से यात्रा मार्ग को बुहारा और प्रभु के मंडप पर चंदन जल चढ़ाकर हल्दी व सुगंधित तेल का छिड़काव किया।
रथयात्रा में जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ त्राहिमाम-त्राहिमाम के उद्घोष के साथ जगन्नाथ प्रभु के नंदीघोष, बलराम के तालध्वज और देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ को पवित्र रस्सी से खींचने की होड़ मची रही। मान्यता है कि रथ खींचने से व्यक्ति जीवन-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है।यात्रा मार्ग में 7 स्थानों पर महाआरती हुई।
प्रथम आरती दिल्ली की साध्वी विनीत रस्तोगी और सम्भल से श्वेता अंकुर रस्तोगी, द्वितीय आरती राज महल गार्डन के मुकेश रस्तोगी, तृतीय आरती ज्योति मेहंदीरत्ता, चतुर्थ आरती टीकाराम सर्राफ परिवार, पंचम आरती अरविंद गुप्ता सर्राफ परिवार, छठी आरती सूर्य प्रकाश वैश्य, श्याम लाल सर्राफ परिवार और सप्तम आरती नगर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने मड़ई चौक पर की।
समर्थ रस्तोगी ने भी आरती कर पुण्य अर्जित किया। यात्रा में श्री गणेश झांकी, तुरई वादन, बहजोई का संकीर्तन, रुद्रपुर का ढोल, गौर नेता पंकज रस्तोगी का संकीर्तन, मां काली अखाड़ा और बुलंदशहर से भरतनाट्यम प्रस्तुति ने चार चांद लगाए। दिल्ली के वरुण तोमर ने ब्रज भाव में गीता गोविंद गाया। जगह-जगह भोग प्रसादी और जलपान वितरित हुआ। यात्रा का समापन बिरुआबाड़ी मंदिर पर हुआ।
प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए थे। भगवान जगन्नाथ सेवा समिति और सोहम गीता मंदिर ट्रस्ट ने सभी का आभार जताया।
जगन्नाथ यात्रा में मौजूद श्रद्धालु। संवाद- फोटो : Samvad