अलापुर। कार में लिफ्ट देकर चार बदमाशों ने एक युवक से आठ हजार रुपये, एक मोबाइल समेत जरूरी सामान लूट लिया। लूटपाट के बाद बदमाश उसे अलापुर और अभियासा गांव के बीच रास्ते में फेंककर कार को दौड़ा ले गए। कुछ राहगीरों ने देखा तो वे रुक गए। युवक ने एक राहगीर का मोबाइल लेकर अलापुर पुलिस को कॉल करके पूरी घटना के बारे में बताया। हरकत में आई पुलिस ने नाकेबंदी कर मय कार के चारों बदमाशों को पीछा करके दबोच लिया, लेकिन पुलिस ने मामले में लूट की रिपोर्ट दर्ज नहीं की और पीड़ित को दिन भर टरकाती रही।
उसावां के गांव मरौरी निवासी सुशील कुमार सिंह शुक्रवार रात बरेली से लौटा था। सिविल लाइंस की मंडी चौकी के गौरीशंकर मंदिर के पास वह गांव जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था। शाम करीब सात बजे एक इंडिको कार वहां आई। कार में सवार लोगों ने फर्रुखाबाद जाने की बात कहकर सुशील को कार में बैठा लिया। उसे रास्ते में अपने गांव पर उतरना था। कार के बदायूं से निकलने के बाद तीन युवकों ने सुशील से लूटपाट शुरू कर दी। उससे आठ हजार रुपये, एक कीपैड मोबाइल और कुछ जरूरी सामान लूट लिया। रात करीब पौने आठ बजे सुशील को चलती कार से अभियासा और अलापुर के बीच रोड किनारे फेंक दिया। सूचना पर पुलिस ने मय कार के चारों बदमाशों को घेराबंदी कर दबोच लिया। सुशील का कहना है कि पुलिस ने उसे थाने बुलाकर कार और आरोपियों की तस्दीक भी कराई। उसने रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी तो तहरीर लेने से इंकार कर दिया। एसओ केजी शर्मा ने अपने स्तर से कार्रवाई करने की बात कही। इस संबंध में एसओ अलापुर ने बात करने पर बताया कि अभी ऐसा कोई मामला नहीं है। इधर, सीओ दातागंज एसके सिंह का कहना है कि इस बारे में जानकारी मिली है। वह एसओ अलापुर से बात करने की कोशिश कर रहे हैं। मोबाइल नेटवर्क में समस्या होने की वजह से बात नहीं हो पा रही है। शनिवार रात तक पुलिस मामले से अंजान बनने की कोशिश करती दिखाई दी।
....आखिर गुड वर्क क्यों छिपा रही अलापुर पुलिस
अलापुर। पीड़ित का कहना है कि सूचना पर अलापुर एसओ तुरंत ही लुटेरों की तलाश में दौड़ पड़े थे और उन्होंने चारों को दबोच भी लिया था। इसके बाद उसे आश्वनासन दिया गया था कि उचित कार्रवाई की जाएगी, लेकिन शनिवार को पुलिस मामले को दबाने में लग किसी के गले नहीं उतर रही कि जहां पुलिस अपने छोटे से गुड वर्क को बढ़ाचढ़ाकर दिखाती है तो वास्तव में बदमाशों को पकड़ने पर वह उसे क्यों दबा रही है। पुलिस की यह कारगुजारी कहीं न कहीं थाना पुलिस की मंशा पर भी सवाल खड़े कर रही है।