जिले में समग्र लोहिया गांवों के विकास का पहिया धीमा पड़ रहा है। सीडीओ ने इस बात का संकेत अपने भ्रमण के दौरान एक महीने पहले की दे दिया था। सहसवान और बिसौली ब्लाक क्षेत्र में धीमी प्रगति पर उनकी नाराजगी जग जाहिर हुई थी, लेकिन अब लगता है कि म्याऊ ब्लाक की स्थिति भी ठीक नहीं है। पूर्व मंत्री और सपा जिलाध्यक्ष बनवारी सिंह यादव ने खुद इस ब्लाक के राम मनोहर लोहिया समग्र गांव गौरामई को लेकर डीएम को जो पत्र लिखा है, उससे लगता है कि शासन की प्राथमिकता के इन गांवों में विकास के प्रति भारी लापरवाही है। सीडीओ ने इस प्रकरण में तीन सदस्यीय अधिकारियों की टीम बनाकर जांच के आदेश किए हैं।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पूर्व मंत्री बनवारी सिंह यादव ने डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि म्याऊं ब्लाक के समग्र गांव गौरामई में सीसी कार्य, नाली निर्माण, शौचालय निर्माण जैसे महत्व और पहली प्राथमिकता के काम ही नहीं हुए हैं। लोनिवि द्वारा बनवाई गई सड़क का नाला नहीं बना है। इससे जलभराव की स्थित से गांव वाले परेशान हैं।
पूर्व मंत्री और सपा के जिलाध्यक्ष का इस तरह जिलाधिकारी को पत्र लिखा जाना और जिलाधिकारी द्वारा विकास विभाग को जवाबदेय बना दिया जाना हड़कंप को काफी था। सीडीओ इस प्रकरण में पहले ही 20 विभागों को चेतावनी पत्र जारी कर चुके हैं। इस पत्र के बाद सीडीओ देवेंद्र सिंह कुशवाहा ने इसे गंभीर मानते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी है और एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है।
उपायुक्त एनआरएलएम प्रथम जांच अधिकारी
सीडीओ कुशवाहा ने पूर्व मंत्री के पत्र के आधार पर गांव गौरामई में विकास कार्य में लापरवाही पर जांच टीम में एनआरएलएम के उपायुक्त आरपी सिंह, आरईएस के एक्सईएन रूपेश वर्मा, डीआरडीए के एई रमेश चंद्र साहू को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
समग्र गांवों के विकास में तेजी लाने के लिए वह पहले से चेता चुके हैं। इसके बावजूद शिकायत मिलना गंभीर बात है। जांच करा रहे हैं। रिपोर्ट आने पर दोषी अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - देवेंद्र सिंह कुशवाहा, सीडीओ