फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: तत्कालीन एसडीएम के सरकारी आवास में ताला लगाकर पत्नी-बच्चों को किया बंद

विज्ञापन
विज्ञापन
रात में खुलवाया ताला, किराया, जलकर आदि का ढाई लाख से ज्यादा था बकाया
विज्ञापन

ज्यादा बोलने को तैयार नहीं हुए तत्कालीन एसडीएम, बोले- पहुंच रहा हूं बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। एसडीएम सदर रहे लालबहादुर सिंह से सरकारी आवास खाली कराने के लिए सोमवार को जिला प्रशासन ने उनके आवास पर ताला लगवा दिया। इस दौरान उनके बीबी-बच्चों को अंदर ही बंद कर दिया गया। जब इसकी सूचना तत्कालीन एसडीएम को मिली तो वह जौनपुर से बदायूं के लिए रवाना हो गए। देर रात मीडिया की जानकारी में मामला आने पर प्रशासन ने ताला खुलवा दिया।
लोक निर्माण विभाग के शहर में कई जगहों पर पूल्ड हाउसिंग के तहत आवास बने हैं। इन आवासों में कई सरकारी अधिकारी व कर्मचारी रहते हैं। इन अधिकारियों व कर्मचारियों से उनका मानक के अनुसार किराया व जलकर आदि राशि ली जाती है। इन आवासों में कुछ ऐसे भी हैं, जिनमें अपनी तैनाती के दौरान कुछ अधिकारी व कर्मचारी रहते रहे, पर निर्धारित किराया जमा नहीं किया। और तो और स्थानांतरण व सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने इसे जमा करना मुनासिब नहीं समझा।
विज्ञापन

पिछले दिनों एडीएम एफआर राकेश कुमार पटेल ने इन अधिकारी व कर्मचारियों से वसूली के लिए लोक निर्माण विभाग को लिखा था। ऑफीसर्स कॉलोनी स्थित बी-3 स्थित तत्कालीन एसडीएम सदर व वर्तमान डिप्टी कलेक्टर जौनपुर लालबहादुर को आवंटित था। उन पर दो लाख 60 हजार 350 रुपये बकाया था। बताया जाता है कि बच्चे परीक्षाओं के चलते यहां रुक गए थे लेकिन रविवार रात में ही प्रशासन ने उनके आवास के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। एसडीएम की पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा आवास में बंद रह गए। सोमवार रात में जब इस बात की चर्चा मीडिया तक पहुंची तो ताला खुलवा दिया गया। इस संबंध में तत्कालीन एसडीएम ने बताया कि आवास के अंदर बच्चे हैं। वह बदायूं पहुंच रहे हैं। इससे ज्यादा वह कुछ कहने को तैयार नहीं हुए। इधर डीएम मनोज कुमार ने कहा कि नियमत: एसडीएम को मकान खाली कर देना चाहिए था।
विज्ञापन


यहां पर एसडीएम रह चुके लाल बहादुर का परिवार उनके स्थानांतरण के बावजूद भी यहां पर रह रहा है। उनको आवास खाली करने के लिए कहा गया था लेकिन वह आज- कल रहे थे। इसी बीच में नाजिर ने ताला डलवा दिया। उनको बोलता हूं, वह उसको खोल देगा। हालांकि मैं अभी बाहर हूं, मंगलवार को आकर देखता हूं।
- राकेश कुमार पटेल, एडीएम राजस्व एवं वित्त
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें