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कोरोना की मार से मेंथा कारोबार हुआ खस्ताहाल, पौने दो सौ करोड़ का टर्नओवर प्रभावित

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बदायूं। कोरोना की मार तो हर तरफ पड़ी है। शायद ही कोई कारोबार हो, जो इससे प्रभावित न हुआ हो। जिले में मेंथा कारोबार भी इसकी मार से अछूता नहीं है। हालांकि अभी मेंथा के सीजन की शुरुआत है लेकिन कारोबारियों के अनुसार अभी तक करीब पौने दो सौ करोड़ का टर्नओवर प्रभावित हो चुका है। आगे भी यही स्थिति रहनी है, ऐसे में यह आंकड़ा और बढ़ने का अनुमान है।
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जिले में मेंथा का कारोबार अच्छा खासा है। मेंथा फूड और फार्मा दोनों क्षेत्रों की जरूरत है इसलिए इसे अच्छी मात्रा में यहां से एक्सपोर्ट भी किया जाता है। मेंथा का सीजन मई से सितंबर तक माना जाता है। मई भी आधी बीत चुकी है लेकिन कारोबार के नाम पर अभी भी स्थिति शून्य है। शहर समेत कस्बों के बाजार बंद हैं जिससे काश्तकार छोटे व्यापारियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। दरअसल, ये छोटे व्यापारी ही इस कारोबार की मुख्य धुरी माने जाते हैं जो काश्तकारों से तेल लेकर बड़े व्यापारियों के बीच पहुंचने की बीच की कड़ी होते हैं, लेकिन इस बार यह बिल्कुल बंद है। कस्बों देहातों के काश्तकार अपने स्थानीय बाजार में जैसे तैसे संपर्क कर काम चला रहे हैं। मेंथा कारोबारियों के अनुसार, अभी तक करीब 165-175 करोड़ का टर्नओवर प्रभावित हुआ है। चूंकि बाजार बंद हैं इसलिए न तो काश्तकारों से माल आ रहा है और न ही बाहर जा रहा है, ऐसे में टर्नओवर पर तो प्रभाव पड़ना ही है।
टूट रही कारोबार की चेन
कोरोना से कारोबार पर तो प्रभाव पड़ ही रहा है, लेकिन जो चेन बनी है वह भी टूट रही है। दरअसल खेतों में मेंथा उगने के बाद इसका तेल निकालकर किसान शहर के छोटे व्यापारियों तक पहुंचाते हैं। यहां से यह तेल फैक्टरियों और बड़े कारोबारियों तक पहुंचता है, जिसे वहां से एक्सपोर्ट कर दिया जाता है। लेकिन कोरोना के कारण यह चेन टूट रही है। किसान शहर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं तो वह अपने ही कस्बे के व्यापारियों से संपर्क साध रहे हैं। ऐसे में शहर का व्यापारी नुकसान में जा रहा है।
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बोले कारोबारी
किसान घरों से बाहर नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में फैक्टरियों तक माल नहीं पहुंच रहा, जिससे एक्सपोर्ट का काम भी प्रभावित हो रहा है। पूरी तरीके से प्लांट भी नहीं चल पा रहे हैं। माल पहुंचना शुरू हो तो फैक्टरियां चालू हों। तब कुछ काम चल पाएगा। - संजीव साहू, मेंथा कारोबारी
तमाम कस्बों से शहर में किसान अपना माल बेचने आता है, लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के कारण वह यहां नहीं आ पा रहा है। इस समय फैक्टरियां चल तो रही हैं लेकिन ईद के बाद इसमें तेजी आने की उम्मीद है। शहर के व्यापारी इससे काफी प्रभावित होंगे। - पूरन, मेंथा व्यापारी
लॉकडाउन की वजह से मेंथा के कारोबार पर पहले की अपेक्षा फर्क पड़ा है, क्योंकि अभी तक किसान घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहा है। ऐसे में मेंथा प्लांट पर फसल नहीं पहुंच पा रही है, जिससे अभी कुछ दिक्कतें हो रही है। जल्द ही लॉकडाउन नहीं खुला, तो दिक्कत ज्यादा हो सकती है। - लाल बहादुर सिंह, मेंथा व्यापारी
किसानों की फसल को कोई नुकसान नहीं है। लॉकडाउन की वजह से मेंथा के कारोबार पर काफी असर पड़ा है। क्योंकि कारोबार की जो चेन बनी हुई थी, वह टूट गई है। ऐसे में व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया है। आने वाले दिनों में इससे उबरना बेहद कठिन होगा। - गजेंद्र सिंह, मेंथा व्यापारी
कोरोना के कारण इस समय आमजन संकट में है, लेकिन सरकार उनके साथ खड़ी है। किसी को भी कोई परेशानी नहीं हो, इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में एमएसएमई की सबसे ज्यादा इकाईयां हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित किए गए राहत पैकेज में सभी को राहत मिलेगी। बदायूं की मेंथा इंडस्ट्री की अपनी पहचान है। इसके कारोबारियों को भी कोई परेशानी न हो, इसका पूरा प्रयास रहेगा। - महेश गुप्ता, नगर विकास मंत्री
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