बदायूं। लॉकडाउन में दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से लौटने वालों का आंकड़ा 72 हजार से पार हो चुका है। इसके बावजूद दिल्ली-बदायूं हाईवे खाली नहीं हो रहा है। इसके लिए जिले से 48 बसें और लगाई गईं हैं, जिससे यह लोग जल्द से जल्द अपने घर पहुंच सकें और उनको स्थानीय स्तर पर आइसोलेट किया जा सके।
शनिवार को बदायूं जिले से 50 रोडवेज बसें भेजी गई थीं। दोपहर से इन्हें भेजने का सिलसिला शुरू हुआ था और देर रात तक चलता रहा। फिर जैसे-जैसे यह बसें बदायूं लौटती गईं, वैसे ही उन्हें दोबारा रास्ते में फंसे लोगों को लाने के लिए दिल्ली भेज दिया गया। यह क्रम रविवार शाम तक चलता रहा। बताते हैं कि अब तक दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से करीब 72 हजार लोग बदायूं आ चुके हैं। इसके बावजूद गैर प्रांतों से लौटने वाले लोगों का सिलसिला बंद नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि अभी एक-दो दिन और लग जाएगा। तब कहीं दिल्ली-बदायूं हाईवे सूनसान होगा। वहीं, शहर के पुलिस लाइन चौराहे पर बाहर से आने वाले लोगों को खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। नगर के समाजसेवी और विभागीय अधिकारी, कर्मचारी इस सेवा में लगे हैं।
पुलिस लाइन चौराहे पर ही जिले की सभी प्राइवेट बसें लगा दी गई हैं। जिस स्थान के लोग सबसे ज्यादा एकत्र हो जाते हैं, उन्हें बस में बैठाकर रवाना कर दिया जाता है। बाकी दो-चार लोगों को अन्य माध्यमों से उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है। रोडवेज चौकी प्रभारी एसआई सुनील कुमार भी लोगों की मदद में लगे हैं।
बॉर्डर पर यात्रियों की जांच, बसें हो रहीं सैनिटाइज
डीएम कुमार प्रशांत के निर्देश पर जिले के बॉर्डर पर बदायूं लौटने वाले यात्रियों को चेक किया जा रहा है। उनका क्या नाम है और कहां के रहने वाले हैं, यह नोट किया जा रहा है। इसके लिए एक टीम जरीफनगर इलाके में और एक टीम फैजगंज बेहटा बॉर्डर पर लगाई गई है। जो बस दिल्ली से लौट रही हैं, उनके यात्रियों को उतारकर लाइन लगवाई जाती है। फिर बसों को सैनिटाइज किया जाता है। उसके बाद एक-एक यात्री को चेक किया जाता है। इस दौरान उन्हें कम से कम 14 दिन अपने घर के भीतर रहने की सलाह दी जा रही है।