बदायूं। दो दिन बाद बैंक सोमवार को खुले तो लोगों की भीड़ जुट गई। भीड़ इस कदर भी बैंक के बाहर तक लाइन लग गई। इस दौरान सामाजिक दूरी दरकिनार हुई तो पुलिस पहुंच गई और सख्ती करके सभी के बीच दूरी बनाई। इसके बाद बैंक में एक-एक करके ही लोगों को प्रवेश दिया गया।
कोरोना वायरस की बढ़ती चेन को रोकने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 25 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा की। इसके बाद में दो बार और लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया गया। जो 17 मई को पूरी हो रही है। इसकी वजह से मजदूर वर्ग के आगे रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया। इसको देखते हुए सरकार ने जनधन योजना के तहत मदद के लिए खातों में 500 रुपये दिए। ताकि इन रुपये को निकालकर जरूरत का सामान खरीद सके। खातों में धनराशि पहुंचने की सूचना पर लोगों ने बैंकों की ओर रुख कर दिया। हालात यह रहे कि दो दिन छुट्टी रहने के बाद सोमवार को जब बैंक खुला तो सड़कों पर लंबी-लंबी लाइन लग गई।
सीन एक
शहर के गांधी ग्राउंड के पास में प्रथमा सर्व यूपी ग्रामीण बैंक हैं। यहां पर सुबह नौ बजे से लोगों ने पहुंचकर रुपये निकलने के लिए लाइन लगाना शुरू कर दिया। सुबह के दस बजते-बजते यहां पर करीब 100 लोग लाइन में लग चुके थे। ऐसे में यहां पर सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा था। जानकारी मिलने पर महिला एसओ दलबल के साथ यहां पर पहुंचीं और महिलाओं को दूरी के हिसाब से लाइन में लगवाया है।
सीन दो
लावेला चौक के पास में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य ब्रांच है। यहां पर सामान्य दिनों में हमेशा भीड़ रहती है। ऐसे में लॉकडाउन में रुपये निकलने वालों की और भी ज्यादा लंबी लाइन लग गई। हालांकि यहां पर कर्मचारी तेजी से काम करते हुए नजर आए। भीड़ को लाइन में लगाने के लिए पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी।
मेडिकल स्टोर पर लगी भीड़
लावेला चौक के पास जो मेडिकल स्टोर है। वह हॉटस्पॉट इलाकों में शुमार है। इससे प्रशासन ने यहां के मेडिकल स्टोर को दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इन मेडिकल स्वामी को होम डिलीवरी के पास मुहैया कराए हैं। ताकि लोगों जरूरत की दवाएं फोन कॉल पर उपलब्ध कराएं। लेकिन कुछ मेडिकल स्टोर स्वामी सुधरने का नाम नहीं ले रहें। वे दुकान खोलकर दवाएं बेच रहे हैं। इससे वहां पर भीड़ लग रही है।
कचहरी खुली तो अधिवक्ता के साथ पहुंच लोग
करीब डेढ़ महीने के बाद में कचहरी खुलने की चर्चा पर सुबह से ही लोग अधिवक्ताओं के बिस्तर पर पहुंचना शुरू हो गया। इससे वहां पर भीड़ लगने लगी। ऐसे में वहां पर सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो पा रहा था। हालांकि अधिवक्ताओं द्वारा मास्क का उपयोग अवश्य हो रहा है। लेकिन बाहर से आने वाले अधिकांश लोग यूं ही नजर आ रहे थे।