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सहसवान की दो मस्जिदों और एक मदरसे में 33 बाहरी लोग मिले, सभी क्वारंटीन किए

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बदायूं। दिल्ली की दरगाह निजामुद्दीन के तब्लीगी जमात मरकज में शामिल हजारों लोगों के देश भर में जाकर कोरोना संक्रमण फैलाने का खुलासा होने के बाद जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। डीएम कुमार प्रशांत के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मदरसों, मस्जिदों और दरगाहों पर छापा मारा। इस दौरान सहसवान के एक मदरसा और दो मस्जिदों में दूसरे प्रांत और जिलों के 33 लोग मिले हैं। इन सभी को अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में क्वारंटीन किया गया है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है। इधर, शहर में सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार, सीओ विनय कुमार द्विवेदी ने मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों में छापा मारा। इस दौरान तब्लीगी जमात के लोगों को भी तलाशा गया। हालांकि शाम तक कोई व्यक्ति नहीं मिला।
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सहसवान। लॉकडाउन के बीच मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों पर भीड़ जमा होने का अंदेशा बना हुआ है। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। मंगलवार रात एसडीएम लालबहादुर, एसपी सिटी डॉ. एसपी सिंह, सीओ रामकरन ने मस्जिद और मदरसों पर छापे मारे। इस दौरान यहां की दो मस्जिदों और एक मदरसा में दूसरे प्रांत और जिलों के 33 लोग रहते मिले। भवानीपुर खैरू की मस्जिद में तलाशी के दौरान तेलंगाना की छह महिलाएं, आंध प्रदेश के चित्तूर के छह पुरुष मिले। इन लोगों ने बताया कि वे धर्म प्रचार के लिए 22 मार्च से पहले यहां आ गए थे। तहसील के पास स्थित एक मस्जिद में महाराष्ट्र के बटाला के छह लोग मिले। मोहल्ला नसरुल्लागंज स्थित मदरसा में 15 लोग बुलंदशहर के मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में दूसरे प्रांतों और जिलों के लोग यहां छिपे हुए थे, जिनकी प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी गई थी।
उझानी। तब्लीगी जमात में शामिल लोगों के मस्जिद, मदरसों में छिपे होने के शक में बुधवार को दिन भर मस्जिद, मदरसों में तलाशी अभियान चलाया गया। एसडीएम पारसनाथ मौर्य, सीओ सर्वेंद्र कुमार और प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर ने पुलिस बल के साथ छापा मारा। जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों और मदरसों में तलाशी के दौरान कोई बाहरी व्यक्ति नहीं मिला। एसडीएम पारसनाथ मौर्य ने बताया कि मस्जिदों के मौलाना और मदरसों के मौलवियों को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है कि वे बाहरी लोगों को शरण न दें। अगर कोई बाहरी पहुंचता है तो पुलिस को जानकारी दें। इसके बाद भी बाहरी लोग मिलते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, पुलिस ने मंगलवार रात मानकपुर दो दर्जन से ज्यादा घरों और मस्जिदों में तलाशी अभियान चलाया।
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इस्लामनगर। एसडीएम बिल्सी संजय कुमार, सीओ संजय रेड्डी ने नगर और आसपास के इलाकों में स्थित मदरसों और मस्जिदों पर छापा मारा। इस दौरान यहां कोई बाहरी व्यक्ति नहीं मिला
उसावां। पुलिस ने क्षेत्र के गांव रिठिया, गौतरा, जसमाह, भदेली और कस्बे की मस्जिदों को चेक किया। यहां देखा गया कि कोई भीड़-भाड़ के साथ बाहरी लोग तो मस्जिदों में नहीं ठहरे हुए हैं।
कादरचौक। एसओ इंद्रेश कुमार ने पुलिस टीम के साथ कस्बा, रमजानपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मस्जिदों, मदरसों के साथ दरगाहों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर ज्यादा लोग मिले। इनको चेतावनी दी गई। किसी भी स्थान पर कोई बाहरी व्यक्ति नहीं मिला।
फैजगंज बेहटा। प्रभारी निरीक्षण चेतराम वर्मा ने पुलिस टीम के साथ मस्जिद और मदरसों में निरीक्षण कर बाहरी लोगों की तलाश की। मौलवीयों को निर्देश दिए कि किसी भी दशा में भीड़ नहीं लगनी चाहिए। बाहरी लोग भी जमा नहीं होने चाहिए।
भवानीपुर खैरू की मस्जिद में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 12 लोग, तहसील के पास स्थित मस्जिद में महाराष्ट्र के छह लोग और नसरुल्लागंज स्थित मदरसा फैज ए आम में बुलंदशहर के 15 लोग मिले हैं। इन लोगों ने बताया है कि यह 22 मार्च से पहले ही यहां आ चुके थे। ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला है जो निजामुद्दीन मरकज जमात में शामिल हुआ हो। - डॉ. एसपी सिंह, एसपी देहात
मस्जिद, मदरसों और दरगाहों पर तलाशी के दौरान कुल 33 बाहरी लोग मिले हैं। इनमें छह महिला तेलंगाना की, छह पुरुष आंध्र प्रदेश के हैं। तहसील के पास मस्जिद में महाराष्ट्र के छह और नसरुल्लागंज के मदरसे में 15 लोग बुलंदशहर के मिले हैँ। इन सभी को अलग-अलग स्थानों पर क्वारंनटाइन किया गया है। फिलहाल जमात से जुड़ा कोई व्यक्ति नहीं मिला है। - लाल बहादुर, एसडीएम सहसवान
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