न केंद्र सरकार से कोई मदद ली, न बैंकों से रुपया लिया। प्रदेश सरकार ने केवल फिजूलखर्जी बंद कर किसानों का कर्ज माफ कर दिया। हमने कर्ज माफ करके किसानों पर कोई अहसान नहीं किया, बल्कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गए संकल्प को पूरा किया है। ये बातें श्रम समन्वय एवं सेवायोजन विभाग मंत्री और बदायूं जिले के प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोमवार को यहां आयोजित यूपी फसल ऋण मोचन समारोह में अपने संबोधन के दौरान कहीं। इस समारोह में प्रभारी मंत्री ने किसानों को ऋण मोचन प्रमाण पत्र भी बांटे।
यहां इस्लामियां इंटर कॉलेज के मैदान पर आयोजित समारोह में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि यूपी सरकार बनने के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में ही फसली ऋण मोचन योजना का निर्णय कर लिया गया था। समूचे प्रदेश में करीब 86 लाख लघु और सीमांत किसानों का 36 लाख करोड़ का कर्ज माफ किया गया है। आजादी के बाद यह पहला मौका है जब सरकार ने किसानों की चिंता की है। उन्होंने बताया कि पहली सूची के पांच हजार किसानों को ऋण मोचन प्रमाण पत्र दे दिए गए हैं। बाकी किसानों को ऋण मोचन प्रमाण पत्र देने के तहसीलों में कैंप लगाए जाएंगे। जिसमें क्षेत्रीय विधायक और अधिकारी मौजूद रहेंगे।
डीएम अनिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के 1 लाख 36 हजार किसान ऋण मोचन के दायरे में आए हैं। पहले चरण में 31 मार्च 2016 पहले से ऋण लेने वाले किसानों को चिह्नित किया गया। इस अवधि में जो किसान अपना लोन अदा नहीं कर पाए, सरकार ने उनका ऋण माफ किया है। इनमें 23881 किसानों का 164.26 करोड़ रुपये का ऋण माफ किया गया है। डीएम ने कहा कि जिले में 19 बैंकों की 72 शाखाओं के 58719 किसानों के कर्ज माफ करने के लिए 368.15 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। शेष किसानों के लिए 403.81 करोड़ रुपये की और आवश्यकता है। दूसरे में चरण में ऋण माफी के दायरे में आने वाले किसानों की सूची बनाई जा रही है।
ऋण मोचन समारोह में बिल्सी विधायक आरके शर्मा, दातागंज विधायक राजीव कुमार उर्फ बब्बू, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य, बृज क्षेत्र के अध्यक्ष बीएल वर्मा, जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में जिला प्रभारी महाराज सिंह, सदर विधायक के बेटे विश्वजीत गुप्ता, एसएसपी चंद्र प्रकाश, सीडीओ शेषमणि पांडेय, एडीएम अजय कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी कमल किशोर, सीएमओ डॉ. नेमीचंद्रा, कृषि उपनिदेशक आरपी चौधरी, डीपीआरओ राजीव कुमार मौर्य, एसडीएम पारसनाथ मौर्य आदि मौजूद रहे।