दातागंज। गंगा एक्सप्रेसवे का औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए जिन गांवों की जमीन चिह्नित हुई है, उन गांव के किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। इसे लेकर सोमवार को किसानों ने एक्सप्रेस-वे के इंटरचेंज के निकट धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन दोपहर 12:00 बजे शुरू हुआ और एसडीएम प्रेमपाल सिंह को ज्ञापन देकर सवा दो बजे धरना समाप्त कर दिया गया।
औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए यूपीडा ने लगभग 3600 बीघा जमीन की मांग की है। प्रशासन ने इंटरचेंज के निकट ग्राम डहरपुर, बिहारीपुर, छछऊ, कैलियाई और डोलापुर में औद्योगिक गलियारे के लिए 3600 बीघा जमीन चिह्नित करके प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, लेकिन इन गांवों के किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जो जमीन चिह्नित हुई है, वह बेहद उपजाऊ है। दूसरे अन्य जगहों पर सर्किल रेट भी बढ़ाए जा चुके हैं, लेकिन यहां के सर्किल रेट नहीं बढ़े हैं। सर्किल रेट से चार गुना की दर से लगभग चार लाख रुपये प्रति बीघा का रेट बनता है, जिस पर हमारे क्षेत्र में अनुपजाऊ जमीन भी नहीं मिल रही है।
बहरहाल, किसानों ने एक स्वर में कहा कि वे अपनी रोजी-रोटी की जमीन नहीं बेचेंगे। धरने में हरीश मैथिल, स्वतंत्र दीप गुप्ता, आलोक गुप्ता, श्रीश शर्मा, अरुण कुमार शर्मा, संजय सिंह, प्रदीप सिंह, अवधेश गुप्ता, धर्मेंद्र शर्मा, भोलानाथ शर्मा, रघुनाथ शाक्य, रामसेवक शाक्य, राजकुमार शाक्य समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए।
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दातागंज औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए पांच गांव की 301 हेक्टेयर जमीन चिह्नित करके इसका प्रस्ताव एक सप्ताह पूर्व शासन को भेजा गया है। सर्किल रेट कम होने की बात भी शासन को बता दी गई है। शासन के मंशा अनुरूप ही आगे की कार्रवाई होगी।
-विजय कुमार शुक्ला, तहसीलदार, दातागंज।