शुक्रवार रात झमझमा बरसात में ढहे लिंटर की चपेट में आने से ग्रामीण समेत उसका पूरा परिवार चपेट में आने से बच गया। हालांकि दो पशु जख्मी हो गए, लेकिन घरवालों को खरोंच तक नहीं आई। ग्रामीणों ने खुद की कोशिश कर मलबा हटा लिया।
हादसा रात करीब दो बजे हुआ। कोतवाली क्षेत्र के गांव पटपरागंज निवासी मक्खन लाल का घर गांव के बाहरी छोर पर है। वह जिस मकान में रहता है, उसी के बरामदे में पशुशाला भी बना रखी। बरसात की वजह से मक्खन के परिवार के तीनों सदस्यों ने चारपाई भी बरामदे में बिछा लीं। अचानक ही लिंटर ढह कर गिर पड़ा। चारपाइयों के पास वाले हिस्से में कोई खास नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पशु मलबा में दब गए। गाय और भैंस का के सींग टूट गए। चीख-पुकार सुन आसपास के लोग जाग कर घरों से बाहर निकल आए। उन्होंने ही मलबा हटा कर पशुओं को बाहर निकाला।
हादसे में बाल-बाल बचे मक्खन ने बताया कि लिंटर पुराना था लेकिन ऐसा भी नहीं जो बरसात में गिर जाता। परिवार के तीनों सदस्यों के करीब से मौत गुजर जाने भनक लगने पर शनिवार को मौके पर ग्रामीणों का जमघट लगा रहा। ग्रामीणों की मानें तो छत पर बरसात का पानी भर जाने से ही हादसा हुआ है। बरसात के पानी का निकास बंद हो गया था। हादसा के बाद गांव में अफरातफरी का माहौल भी बना रहा। मक्खन ने नुकसान के बारे में हल्का के लेखपाल को भी अवगत करा दिया है।