बदायूं। रामगंगा का जलस्तर घटने के बाद भी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। दातागंज तहसील क्षेत्र के 40 गांवों की 50 हजार आबादी बाढ़ के साथ महंगाई से जूझ रही है। खेतों में सब्जियां सड़ चुकी हैं, जबकि बाहर से सब्जियां आने में बाढ़ की बाधा है। तीन प्रमुख मार्गों पर पानी ने रास्ता रोक रखा है। प्रभावित क्षेत्र के खुदरा दुकानदार कीमतें बढ़ाकर मुनाफा कमा रहे हैं। कई इलाकों में लोग बाढ़ के छठे दिन भी नाव और ट्यूब के सहारे ही आ और जा रहे हैं।
चौतरफा पानी से घिरे 50 हजार लोग महंगाई की मार झेल रहे हैं। बारिश से पहले जो टमाटर 20-40 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा था अब उसका भाव 140-170 रुपये किलोग्राम तक पहुंच गया है। आलू सामान्य क्षेत्रों में 30 रुपये किलोग्राम बिक रहा था अब 40-50 रुपये प्रति किलोग्राम के दाम वसूले जा रहे हैं। धनिया 200 रुपये प्रति किलोग्राम और लहसुन के दाम 300 रुपये प्रति किलोग्राम के दाम पर है।
केवल सब्जियां ही नहीं दाल के दाम में भी इजाफा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले अरहर की दाल 140 रुपये प्रति किलोग्राम थी जो अब 200 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। ऐसे ही उड़द दाल 100 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम, मसूर दाल 100 से 120 रुपये, बेसन 70 से 110, हल्दी 120 से 210, मिर्च 210 से 250 रुपये प्रतिकिलो में बिक रही है।
बता दें कि कालागढ़ बैराज से पानी कम छोड़े जाने की वजह से 24 घंटे में रामगंगा में 24 सेंटीमीटर जलस्तर कम हुआ है। हालांकि, नगरिया खनू से लालपुर खादर मार्ग के कई हिस्से जलमग्न हैं। इस रास्ते से गुजरने वाले 16 गांवों के लोगों पर मुसीबतों की बाढ़ बरकरार है। अधिकतर छोटी नाव से आवागमन किए हुए हैं। हजरतपुर से लालपुर खादर मार्ग 6.50 किलोमीटर लंबा है। मार्ग के 500 मीटर हिस्से में गड्ढे हैं। ऐसे में नाव भी पलटने की संभावना है।
गढ़िया शाहपुर से हर्रेनगला तक तीन किलोमीटर लंबा मार्ग है। मार्ग का 400 मीटर हिस्से में पानी ही पानी है। लोग गुजर रहे हैं लेकिन सामान्य तौर पर 25 गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित है। इस तरह से विभिन्न मार्गों पर स्थित दातागंज तहसील के कुल 40 गांवों के लोग बाढ़ की दुश्वारियां छठे दिन भी झेल रहे हैं।
इसमें कुंडरा मजरा, जलेबी नगला, नगला देवेंद्र सिंह, नगला डालचंद्र, लालपुर, पूरनभेड़ा, हर्रामपुर, पट्टीबिजा, अकट, बिहारीपुर, सकतपुर, गढि़या समेत 18 गांव चौतरफा रामगंगा बाढ़ से घिरे हुए हैं। अकट,सकतपुर, देवरनिया, मौजमपुर, शेरपुर,उधौनगला इन गांवों के चारों ओर प्रत्येक रास्ते में कहीं न कहीं जलभराव है।
रमेश सैनी।
रमेश सैनी।
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