बदायूं। हत्या के नौ साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने दो लोगों को दोषी करार दिया। दोनों को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव तर्क परौली निवासी अंकित कुमार ने 21 मई 2014 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि उसके पिता सूरजभान 20 मई 2014 को गांव के ही भोले प्रजापति की लड़की की लगन समारोह में बिल्सी गए थे। गांव के कई लोग साथ थे।
कार चालक किशन पाल, अनोखेलाल और वेदराम ने पिता सूरजभान सिंह के साथ शराब पी। घर लौटते समय मितरौली पुलिया के पास गाड़ी रोककर तीनों ने पिता के साथ गाली-गलौज और मारपीट की थी। गाड़ी से सूरजभान सड़क पर गिर गए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। सूरजभान की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर भोले प्रजापति, वेदराम और किशन पाल के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने विवेचना शुरू की। इस दौरान आरोपी किशनपाल की मौत हो गई। पुलिस ने साक्ष्य संकलन करते हुए भोले और वेदराम के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। न्यायाधीश ने बुधवार को पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। डीजीसी अनिल कुमार सिंह राठौड़ व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।