कोर्ट ने एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी डाला, धनराशि पीड़िता को देने का आदेश
उझानी में हुआ था किशोरी का अपहरण, बयानों के बाद बढ़ाई गई थी सामूहिक दुष्कर्म की धारा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। अपहरण के बाद सामूहिक दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना डालते हुए पूरी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है।
उझानी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी को गांव के ही शिवम यादव, पिन्टू और अनिल कुमार 18 अप्रैल 2021 को बहला फुसलाकर भगा ले गए थे। इसके बाद वह अपनी बेटी को तलाश करता रहा लेकिन वह नहीं मिली। 20 अप्रैल को पिता की ओर से अपहरण की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने किशोरी समेत आरोपियों को बरामद किया। आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। पीड़िता ने अपने बयानों में कहा था कि तीनों बहला-फुसलाकर उसको साथ ले गए और एक अनजानी जगह पर ले जाकर उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। पुलिस ने दुष्कर्म की धारा के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाते हुए विवेचना उपनिरीक्षक महावीर सिंह को सौंपी थी। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्यों को एकत्र कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। थानाध्यक्ष उझानी मनोज कुमार ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत इसे चिह्नित किया। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। इसके बाद मंगलवार को कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का भी आदेश दिया गया है।