दोषी पर लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। दो साल पहले किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र विशेष पोक्सो एक्ट के न्यायाधीश सौरभ सक्सेना ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने नौ अप्रैल 2022 को पुलिस को तहरीर देकर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उसने बताया कि उसकी बेटी कक्षा चार की छात्रा है । वह घर के बाहर खेल रही थी। पड़ोस में रहने वाला रामभरोसे पुत्र गोपाल उसको खाने की चीज दिलाने के बहाने अपने घर ले गया। आरोप था कि रामभरोसे ने किशोरी के मुंह में कपड़ा ठूंसकर जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान किशोरी बेहोश हो गई। होश में आने पर आरोपी ने बीस रुपये दिए और कहा किसी को कुछ मत बताना। किशोरी बदहवास हालत में घर पहुंची तो परिजन देखकर दंग रह गए। किशोरी ने पूरी घटना परिवार के लोगों को बताई। परिवार के लोग उसे साथ लेकर थाने पहुंचे। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसके बयान दर्ज कराए। इसकी विवेचना निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह ने की। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। इंस्पेक्टर इस्लामनगर हरेन्द्र सिंह ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन में चिह्ति कराया। कांस्टेवल विकास कुमार ने प्रभावी पैरवी की। न्यायाधीश ने उपरोक्त पत्रावली का अवलोकन कर विशेष लोक अभियोजक प्रदीप भारती व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद रामभरोसे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। संवाद