बदायूं। सास की हत्या के चार साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने दामाद समेत एक अन्य को दोषी करार दिया है। दोनों को आजीवन कारावास और 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आधी धनराशि वादी को देने का आदेश भी दिया है।
अभियोजन कथानक के अनुसार, जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव थानपुर निवासी हरिद्वारी ने इस्लामनगर थाना पुलिस को 19 मई 2020 को तहरीर दी थी। बताया था कि उसने बहन शीला की शादी इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव कोहरा में की थी। बहन के एक बेटी है। बेटी का पति दुर्वेश बहन शीला को परेशान करने लगा। वह लगातार बहन से जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाने लगा। उसके साथ आए दिन मारपीट करने लगा।
19 मई 2020 को सूचना मिली कि बहन शीला की हत्या कर दी गई है। सूचना पर परिवार के साथ वह बहन के घर पहुंचा तो देखा कि बहन का शव आंगन में पड़ा है। भाई का आरोप था कि बहन की हत्या उसके दामाद दुर्वेश ने अपने किसी अन्य साथी के साथ मिलकर की है। इस मामले की विवेचना जसवीर सिंह ने की। विवेचना के दौरान हत्या के मामले में अरविंद पुत्र कमल सिंह का नाम प्रकाश में आया। विवेचक ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर साक्ष्यों का अवलोकन कर अपर शासकीय अधिवक्ता मदन लाल राजपूत व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद सजा सुनाई।