बदायूं। तीन साल पहले नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में युवक को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने अंतिम सांस तक के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही मुजरिम पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी डाला है। अदालत ने जुर्माने की रकम जमा होने पर संपूर्ण धनराशि पीड़िता को देने का भी आदेश दिया है।
विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी, वीरेंद्र सिंह वर्मा के मुताबिक थाना उझानी क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने थाने पर तीन अप्रैल, 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी की रिपोर्ट के मुताबिक वह पत्नी के साथ खेत पर काम कर रहा था। वादी की नौ वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी। घटना वाले दिन शाम पांच बजे उझानी क्षेत्र के गांव संजरपुर बालजीत निवासी आदेश पुत्र ताराचंद उसकी पुत्री को जबरन ले गया।
आदेश ने वादी की पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी आदेश वादी की पुत्री को बेहोशी की हालत में छोड़कर भाग गया। पुलिस ने आदेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। विशेष न्यायाधीश दीपक यादव ने पत्रावली पर मौजूद संपूर्ण साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अमोल जौहरी, वीरेंद्र सिंह वर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुना। कोर्ट ने नामजद आदेश को दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषसिद्ध पर एक लाख रुपए का अर्थदंड भी डाला है।