बदायूं। 21 साल पुराने हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ गैंगस्टर कोर्ट की विशेष न्यायाधीश निधि ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 17 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
कस्बा वजीरगंज निवासी भूरे ने 28 मार्च 2003 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसका छोटा भाई छोटे कुरैशी मीट बेचने का काम करता था। रोजाना की तरह वह बनकोटा की बाजार में गोश्त बेच रहे थे। शाम को दुर्वेश निवासी कस्बा वजीरगंज तथा उसका एक साथी दुकान पर आए और मुफ्त में एक किलो गोश्त मांगने लगे। छोटे भाई ने गोश्त देने से मना कर दिया तो दुर्वेश ने गालियां देनी शुरू कर दीं।
गाली देने को मना किया तो जेब से छुरी निकालकर उसके छोटे भाई पर कई प्रहार किए। जब छोटे भाई को इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे तो रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्यों को संकलन करके दुर्वेश और ग्राम गौतरा थाना उसावां निवासी अवधेश सिंह के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
इस मामले में सह आरोपी दुर्वेश को पहले ही न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुना दी थी। सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अवधेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।