बदायूं। जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने हत्या में नामजद चार आरोपियों को मुजरिम करार देते हुुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने सभी पर साढ़े तीन लाख रुपये का जुर्माना भी डाला है।
कस्बा दातागंज के वार्ड नंबर 15 निवासी कृष्णा गुप्ता पत्नी राजेश गुप्ता ने सात फरवरी 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बीती शाम उसके पति राजेश गुप्ता के मोबाइल पर किसी का फोन आया था। उसके पति फोन पर बात करने के बाद किसी व्यक्ति के साथ चले गए। जब पति वापस नही आए तो उसने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। काफी छानबीन के बाद पुलिस को राजेश गुप्ता की लाश मिली। पुलिस ने विवेचना के बाद राजेश गुप्ता के अपहरण और हत्या में थाना दातागंज के गांव भटौली निवासी संजीव कुमार उर्फ सीटू पुत्र जगदीश गुप्ता, रामनरेश उर्फ नरेश पुत्र प्रेमपाल कश्यप, राजेन्द्र उर्फ जग्गा पुत्र बाबूराम और डहरपुर निवासी अजय पुत्र चंद्रपाल का नाम उजागर किया। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौड़ और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने अपहरण और हत्या में नामजद संजीव कुमार उर्फ सीटू, रामनरेश उर्फ नरेश, राजेन्द्र उर्फ जग्गा और अजय को मुजरिम करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने संजीव और राजेंद्र पर 85-85 हजार रुपये और रामनरेश उर्फ नरेश व अजय पर 90-90 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।