जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं कभी भी ठप हो सकती हैं। यहां कई विशेषज्ञ डॉक्टरों का टोटा है। कुछ डॉक्टरों का स्थानांतरण गैरजनपद में हो गया, तो कई लंबे समय से गैरहाजिर हैं। ऑपरेशन, एक्स-रे, पैथोलॉजी लैब और ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टर कई महीने से अस्पताल नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में कई जीवन रक्षक दवाएं भी समाप्त हो गई हैं।
जिला अस्पताल में जिले के अलावा गैरजनपदों के भी मरीज इलाज कराने आते हैं। अस्पताल में मरीजों के हिसाब से डाक्टरों की संख्या काफी कम है। तीन महीने से गैर हाजिर चल रहे तीन डॉक्टरों का वेतन रोकने के साथ सीएमओ ने शासन को डॉक्टरों की कमी से अवगत कराया है। 224 बेडों के अस्पताल में किसी-किसी दिन आलम यह होता है कि एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। इसके अलावा ओपीडी में भी रोजाना लगभग दो हजार मरीज इलाज कराने आते हैं। कुछ दिन पहले डॉक्टरों का स्थानंतरण होने से अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ गई है। शासन ने चार डाक्टरों का ट्रांसफर कर दिया। इन दिनों अस्पताल के एक्स-रे वार्ड, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी लैब ठप होने की कगार पर है। डाक्टरों की कमी की वजह से मेडिको लीगल केस प्रभावित हो रहे हैं।