बदायूं में एंटी करप्शन की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने सदर तहसील परिसर में दस हजार रुपये रिश्वत लेते लेखपाल को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। उसने वारिसान दर्ज करने के बदले एक व्यक्ति से रुपये लिए थे।
बदायूं में वारिसान दर्ज कराने के लिए दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सदर तहसील में तैनात लेखपाल महेंद्र सिंह को एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। लेखपाल के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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उझानी के गांव गडोरा निवासी दुर्गेश कुमार के पिता जयप्रकाश की मौत हो चुकी है। दुर्गेश को अपनी पैतृक संपत्ति में वारिसान दर्ज कराना था। इसके लिए उन्होंने तहसील के हल्का लेखपाल महेंद्र सिंह से संपर्क किया। लेखपाल ने रिपोर्ट लगाने के बदले रिश्वत की मांग की। दुर्गेश ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की।
मंगलवार को लेखपाल ने दुर्गेश को तहसील बुलाया था। तहसील भवन के ग्राउंड फ्लोर पर दुर्गेश ने जैसे ही लेखपाल को दस हजार रुपये दिए, वैसे ही पहले से ही मौजूद एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को दबोच लिया। ट्रैप टीम प्रभारी प्रवीण सान्याल ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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ट्रैप टीम प्रभारी प्रवीण सान्याल ने बताया कि अब तक की पूछताछ में आरोपी लेखपाल महेंद्र सिंह ने बताया है कि वह मथुरा के गांव मगोर्रा का रहने वाला है। वर्तमान में वह आगरा के थाना मलपुरा के दीक्षा केसीआर टाउन में रह रहा है। बदायूं की सदर तहसील में उसकी तैनाती है। टीम गहनता से पूछताछ कर रही है।