शादी समारोह, मैरिज एनवर्सरी समेत बर्थ-डे प्रोग्राम का क्रेज बने डीजे साउंड सिस्टम लोगों की नींद हराम कर रहे हैं। ऐसा नहीं कि परेशान लोग इसकी शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से नहीं करते, लेकिन सबकुछ जानते हुए भी कार्रवाई नहीं होती। इन दिनों परीक्षा शुुरू हो गई है। जिले में धारा 144 भी लागू है, लेकिन शहर तक में इस आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा।
कोर्ट द्वारा डीजे साउंड सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिए रात 10 बजे तक की समय सीमा तय है, लेकिन इस का पालन नहीं हो पाता। खुलेआम उल्लंघन कराने में पुलिस की भी भूमिका रहती है। सूत्रों की मानें तो बारातघरों के आसपास इलाके के लोग डीजे की कानफोडू आवाज से परेशान होकर शिकायतें करने पुलिस के पास पहुंचते हैं, लेकिन पुलिस एक बार भी तय समय के बाद डीजे बंद कराने की कोशिश नहीं करती।
धार्मिक कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर दूर तक लगाने की होड़ मचती है। कार्यक्रम स्थल से सौ-दो सौ मीटर दूर तक लाउडस्पीकर लगाए जाते हैं। अब तो घरों में भी छोटे धार्मिक कार्यक्रमों पर डीजे के इंतजाम किए जाते हैं। ये रात के एक-दो बजे तक तेज आवाज में बजते रहते हैं। गौर करने वाली बात है कि शहर में पुलिस डीजे बंद कराने का प्रयास नहीं करती और बुधवार को गांव में डीजे बंद कराने पहुंच गई। लोगों का कहना है कि पुलिस अगर सख्ती बरते तो काफी हद तक इस पर अंकुश लग सकता है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि 10 बजे के बाद तेज आवाज में साउंड नहीं जताया जा सकता। अक्सर देखा जाता है कि शादी-ब्याह रात में नौ बजे के बाद ही होते हैं। अगर कहीं से तेज साउंड बजाने की शिकायत आती है, तो उसे बंद कराया जाता है। इन मामले में अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
-सौमित्र यादव, एसएसपी