क्षेत्र के गांव नेता झुकसा में लगने वाला मेला इस बार अपनी छटा नहीं बिखेर पा रहा है। यही कारण है कि अभी तक रौनक तो दूर लोगों को मोह भी भंग होता नजर आने लगा है। खेल तमाशें भी नहीं पहुंचे हैं। हालांकि देवी दर्शन और मनौती मांगने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जरूर पहुंच रही है।
जेठ पूर्णिमा से लगने वाला देवी मेला काफी प्राचीन तथा प्रसिद्ध है। जिला पंचायत के तत्वावधान में लगने वाले हर बार मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं और जमकर खरीदारी के अलावा मस्ती करते हैं। लेकिन इस बार यहां की रौनक फीकी है। न ही भीड़ दिखती है, न ही लोगों में क्रेज ही नजर आ रहा है। देवी मैया को मत्था टेकने के लिए भक्त जरूर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले लगने से पहले आसपास के लोग तैयारियों में जुट जाते थे। इतना ही नहीं दूरदराज के रिश्तेदार, नातेदार भी मेले में शामिल होने के लिए पहुंचते थे। कई दिन तक रुकने के बाद देवी माता का दर्शन तथा मेले का आनंद लेते थे। बताते हैं कि इस बार यहां रौनक कम है। मेले में न ही खेल तमाशें आए हैं। न ही खेती के उपकरण आदि की दुकानें लगी हैं। दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकानदारी ठंडी पड़ी है। ग्राहक नहीं जुट पा रहे हैं। इधर, खेल तमाशों वालों का कहना है कि आर्थिक दोहन होने के कारण वह इस बार मेले में नहीं पहुंच सके।