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देर रात बा स्कूलों में पहुंचाते हैं सामान

Wed, 20 Jul 2016 11:34 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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देर रात बा स्कूलों में पहुंचाते हैं सामान - फोटो : अमर उजाला
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दहशत के साए में हैं बालिकाएं और स्टाफ
विभाग के अफसर भी नहीं दे रहे इस ओर ध्यान
 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश शाम के बाद पूरी तरह बंद रहता है, लेकिन जिले में इन स्कूलों को सामान की सप्लाई करने वाले ठेकेदार के कारिंदे देर रात को सामान की सप्लाई पहुंचा रहे हैं। जिस वक्त रात को सामान की गाड़ी पहुंचती है, उस समय इस स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं सहम सी जाती हैं। साथ ही स्कूल के स्टाफ में भी तरह-तरह की आशंकाएं बनी रहतीं हैं। बावजूद इसके महकमे के अधिकारी इस ओर से आंखें बंद किए हुए हैं।
नगर क्षेत्र के अलावा जिले में प्रत्येक ब्लाक में गरीब बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल खुले हैं। जहां पर प्रत्येक स्कूल में सौ छात्राएं होती हैं। साथ ही इन्हें शिक्षा देने और उनकी देखभाल के लिए महिला स्टाफ की नियुक्ति की जाती है सो सभी स्कूलों में वार्डन के अलावा महिला शिक्षिकाएं हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूलों में सामान उपलब्ध कराने के लिए टेंडर के जरिए ठेकेदार को जिम्मेदारी दी जाती है। कई बा स्कूल की वार्डन और स्टाफ ने डरे हुए लहजे में बताया कि क्या करें इस समय तक हद हो गई है। बताया कि जिस ठेकेदार को सामान की जिम्मेदारी दी गई है, उसके आदमी दिन में तो नहीं आते हैं, देर रात को गाड़ी से आते हैं। उस पर भी उनकी भाषा लड़खड़ा रही होती है। कहाव कि चूंकि रात का समय होता है, तो स्टाफ नींद में होता है। छात्राएं भी पढ़ने के बाद सो जाती हैं, लेकिन गाड़ी आने के बाद सबको जगना होता है। 
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कहा कि जब इनसे कहा जाता है कि सामान दिन में लेकर आना तो कह देते हैं कि सामान लेना है तो लो नहीं तो वह बाहर ही उतार जाएंगे। किसी से शिकायत करना है तो कर देना। एक वार्डन ने कहा कि वह अपनी सुरक्षा को लेकर इस समय बेहद चिंतित हैं।
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इंसेट-
...और कॉल रिसीव नहीं की
इस संबंध में जब बीएसए पीसी यादव से बात करनी चाही तो उन्होंने इस मैटर को सुनने के बाद फोन ही काट दिया। कई बार प्रयास के बाद भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
वर्जन-
कराई जाएगी जांच: एडी
इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। यदि इस तरह की बात है, तो जांच कराई जाएगी। संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-शशि शर्मा, एडी बेसिक बरेली
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