जन्माष्टमी पर इस बार लड्डू गोपाल मथुरा और दिल्ली में बनी पोशाक पहनेंगे। पोशाक भी ऐसी कि जो आपकी नजरों को स्थिर कर दे। तो फिर देर कैसी चले आइए बाजार, हर वर्ग के श्रद्धालुओं की जेब के अनुरूप पालना, पोशाक उपलब्ध है। लड्डू गोपाल के शृंगार के लिए दुकानदारों ने पहली बार पैकेज बनाकर उसमें ऐसी पोशाक, पालना और बृज की छटा से सराबोर सामान शामिल किया है जो जन्माष्टमी पर सभी को आकर्षित करेगा। कान्हा की पोशाक पर तरह-तरह के नग और सितारे जड़े हैं। हरे, लाल और गुलाबी रंग की पोशाकों की डिजाइन भी मनमोहक है। पोशाकें और पीतल के पालना पहले चंदौसी, मुरादाबाद से थोक में खरीदकर लाए जाते थे लेकिन दुकानदारों का रुझान इस बार मथुरा और दिल्ली की तरफ ज्यादा है। कान्हा की नगरी मथुरा में पोशाकों का बड़ा कारोबार है। दुकानदार अजय गोपाल वार्ष्णेय ने बताया- कन्हैया को सजाने के लिए बहुत तरह-तरह का सामान उपलब्ध है। पीतल और सिल्वर के लड्डूगोपाल तो मिलेंगे ही, साथ में बांसुरी, मुकुट, मोतियों की माला, हाथों के कड़े, गइया-बछड़े और पटके भी शामिल हैं। सादा पोशाक जहां 10 रुपये में उपलब्ध है तो मोतियों और सितारों वालीं पोशाकें दो सौ रुपये तक की हैं।