गांव अंबियापुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के छठें दिन कथावाचक पंडित कृष्ण मुरारी उपाध्याय ने भगवान श्रीकृष्ण और ब्राह्मण सुदामा की मित्रता की कथा सुनाते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को श्रीकृष्ण और सुदामा की तरह मित्रता निभानी चाहिए। जो समाज को एक संदेश देती है।
द्वारिकाधीश ने अपने बाल सखा के आगमन की सूचना पाकर तुरंत उनको गले से लगा लिया। उनके पैरों को धोया। तब सुदामा अपनी चावलों की पोटली को छुपाने लगे। श्रीकृष्ण ने उसमें से दो मुट्ठी चावल खाए और सुदामा को दो लोक का राज्य देने की घोषणा कर दी। इसके बाद वह तीसरी मुट्ठी खाने को थे। तभी उनकी पत्नी ने रोक लिया, क्योंकि तीन लोक का राज देते तो वह कहां रहते। इसलिए लोगों को भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता से प्रेरणा लेनी चाहिए। तभी इस संसार में मित्रता कायम रह सकेगी। कथावाचक ने कई अन्य प्रसंग भी सुनाए। इस मौके पर रामप्रकाश शर्मा, सतेंद्र कुमार, दिनेश शर्मा, अवनीश कुमार शर्मा, अमिता शर्मा, सुभाष चंद्र, लवकुश शर्मा, रविंद्र कुमार, राजीव कुमार, ओमबाबू, अनिल कुमार, रामकुमार आदि मौजूद रहे।