विकास खंड के गांव मदारपुर में राशन कोटेदार की मनमानी से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का कोई मायने नहीं रह गया है। कोटेदार पर राशन ब्लैक करने का भी आरोप है। लोगों ने प्रदर्शन कर जांच की मांग की। इसकी जांच भी शुरू हो गई।
तहसील दिवस में एसडीएम को की गई शिकायत के साथ ग्रामीणों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया। आरोप है कि तीन माह से राशन का वितरण तक नहीं किया गया है। लगभग 412 राशन कार्ड हैं। कोटेदार ने यूनिट के हिसाब से किसी कार्ड धारक को राशन नहीं दिया। लेखपाल सिर्फ औपचारिकता पूरी कर चला जाता है। शनिवार को सप्लाई इंस्पेक्टर जयवीर सिंह ने शिकायतों की जांच की। आश्वासन दिया ग्रामीणों की समस्या का निदान होगा।
राशन कोटेदार की खिलाफत करने वालों में श्रीराम, नरवेंद्र सिंह, हाकिम सिंह, दिलसुख, वेदपाल, वीरेश, उमेश यादव, तोफान सिंह, हरी सिंह, नरेंद्र सिंह, झुन्ना सिंह, विजेंद्र, गुड्डू, सत्यवीर, नीरेश सिंह, अर्जुन सिंह आदि शामिल रहे।
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मदारपुर के राशन डीलर का व्यवहार सही नहीं है। पचास प्रतिशत ही माल कोटेदार को मिल रहा है। 80 प्रतिशत से अधिक लोग राशन लेने आ रहे हैं। इस वजह से समस्या है। गांव के लोगों ने शिकायत की थी, इसलिए जांच की जा रही है।
- जयवीर सिंह, सप्लाई इंस्पेक्टर