सभा के प्रेमपाल सिंह ने कहा कि किसानों और मजदूरों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। भ्रष्टाचारी हावी हैं और उनका हक छीन रहे हैं। किसान दैवी आपदा से त्रस्त है और भुखमरी के कगार पर है। उन्होंने किसान सभा द्वारा किए गए आदंोलनों का जिक्र भी किया। कामरेड लोकपाल सिंह के निधन को पार्टी को अपूर्णनीय नुकसान बताया।
इस अवसर पर किसानों की कर्जा माफी, सरकारी स्कूलों में अफसरों के बच्चों को पढ़ाए जाने, सोत नदी से अतिक्रमण हटा उसकी मनरेगा से खुदाई कराए जाने समेत दस सूत्री मांगे उठाई गईं। इस मौके पर किसान सभा के पदाधिकारी और प्रमुख कामरेड मौजूद रहे।