बिसौली। निजामुद्दीन शाहपुर गांव के गल्ला व्यापारी अवनीश गुप्ता के 18 वर्षीय पुत्र विवेक गुप्ता की फिरौती के लिए अपहरण के बाद हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी के पिता और भाई को भी जेल भेज दिया। हालांकि, यह दोनों पुलिस हिरासत में ही थे, लेकिन मंगलवार रात दोनों को थाने से छोड़ दिया गया था। विवेक के परिवार और गांव के लोगों ने व्यापारी नेताओं के साथ कोतवाली घेरी तो बुधवार को दोनों को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।
गल्ला व्यापारी अवनीश गुप्ता के चार माह से लापता बेटे का कंकाल गांव के ही विशेष सिंह उर्फ बंपी के घर में मिला था। बंपी ने अपने रिश्ते के भतीजे अर्जुन, पत्नी सपना के साथ मिलकर विवेक की चार माह पहले फिरौती के लिए अपहरण कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने विशेष उर्फ बंपी को कर्नाटक के कोपल और अर्जुन को यूपी के सुल्तानपुर से गिरफ्तार किया था। मंगलवार को इन्हें जेल भेज दिया गया। सपना को पहले ही जेल भेजा जा चुका था। बंपी का पिता सत्यपाल और भाई विकास भी पुलिस हिरासत में थे। मंगलवार को दोनों को पुलिस ने छोड़ दिया था। इस बारे में जानकारी होने पर दर्जनों लोगों ने बुधवार को कोतवाली का घेराव किया। इसके बाद इन्हें पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतिवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि बंपी के बयान के आधार पर दोनों को जेल भेजा गया है। बंपी ने बयान में कहा है कि विवेक की हत्या में उसका पिता और भाई भी शामिल हैं। इंस्पेक्टर पंकज लवानिया ने बताया कि मुख्य आरोपी के पिता और भाई की हत्याकांड में संलिप्तता पाई गई है। दोनों को जेल भेज दिया गया है।