बदायूं/बिसौली। गल्ला व्यापारी अवनीश गुप्ता के 18 वर्षीय पुत्र विवेक गुप्ता के अपहरण और हत्या के आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से इनको जेल भेज दिया गया। अब पुलिस आरोपियों की रिमांड मांगेगी। पूरी घटना का खुलासा रिमांड के बाद होने की बात कही जा रही है। हालांकि, दूसरे आरोपी अर्जुन के बयानों से साफ हो गया है कि विवेक अपहरण हत्याकांड फिरौती के लिए ही हुआ था।
कोतवाली बिसौली के गांव निजामुद्दीन शाहपुर के गल्ला व्यापारी अवनीश गुप्ता के बेटे विवेक गुप्ता की 11 अगस्त को फिरौती के लिए अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। चार महीने के बाद पुलिस ने विवेक का कंकाल गांव के विशेष उर्फ बंपी के घर से बरामद किया था। विवेक बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था। इसके साथ वह एसएससी की कोचिंग भी कर रहा था। आरोपियों ने 15 लाख फिरौती की मांग की थी। मुख्य आरोपी विशेष उर्फ बंपी को पुलिस ने कर्नाटक के कोपल से गिरफ्तार किया था। वह यहां गंगापुर पोस्ट इलाके के एक स्कूल में गार्ड की नौकरी करता था। दूसरे आरोपी अर्जुन की गिरफ्तारी यूपी के सुल्तानपुर से हुई थी। दोनों को लेकर पुलिस टीमें सोमवार शाम बिसौली पहुंची थीं। अर्जुन को तो पुलिस ने थाने में मीडिया के सामने पेश कर दिया। लेकिन ट्रांजिट रिमांड पर होने के चलते विशेष उर्फ बंपी को सीजेएम कोर्ट भेज दिया गया। कोर्ट ने उसे यहां से जेल भेज दिया। बाद में अर्जुन को भी कोर्ट में पेश किया गया। उसे भी जेल भेज दिया गया। इससे पहले बिसौली कोतवाली में अर्जुन ने बताया कि उन दोनों ने विवेक का अपहरण फिरौती के लिए ही किया था। उसी दिन उसकी हत्या भी कर दी। बाद में शव दफन कर ऊपर से फर्श करा दिया। कोतवाली पुलिस का कहना है कि कई खुलासे बाकी हैं। ट्रांजिट रिमांड के समय पूरा होने के चलते बंपी को कोर्ट में पेश किया गया। अब उसकी रिमांड मांगी जाएगी।
मुख्य आरोपी ने की पत्नी को बचाने की कोशिश
मुख्य आरोपी विशेष सिंह उर्फ बंपी ने अपहरण और हत्या के इस मामले में अपनी पत्नी सपना को बचाने की कोशिश की है। सपना को उसके दो साल के बेटे के साथ पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। उसने पुलिस को बताया कि जब अर्जुन के साथ मिलकर उसने विवेक गुप्ता की हत्या की, उस वक्त पत्नी सपना घर की छत पर थी। पूरी घटना के बारे में उसे कुछ पता नहीं लगा। अगले ही दिन वह बहाने से पत्नी को मायके छोड़ आया था। उसने अपने भाई विकास और पिता सत्यपाल का भी वारदात में हाथ होने की बात से इंकार किया है।
मेला से गुमशुदगी का ऐलान होने पर उसी दिन करनी पड़ी हत्या
दोनों आरोपियों ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्होंने रस्सी से गला घोंटकर विवेक की हत्या कर दी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि विवेक के लापता होने के बाद उसका पूरा परिवार खोज में जुट गया था। अपहरण वाले दिन गांव में मेला भी चल रहा था। मेला में लगे साउंड सिस्टम से विवेक के पिता ने कई बार विवेक की गुमशुदगी के बारे में ऐलान कराया। कुछ देर के बाद गांव में आकर पुलिस ने भी पड़ताल की। ऐसे में उन्होंने विवेक की हत्या में जल्दबाजी दिखाई और शव को ड्रम में बंद कर दिया ।
इस तरह होती है है ट्रांजिट रिमांड
अगर किसी आरोपी को एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में गिरफ्तार करती है तो आरोपी को संबंधित जिला अदालत में पेश करना होता है। जिला अदालत से पुलिस आरोपी की ट्रांजिट रिमांड मांगती है। कोर्ट को बताया जाता है कि आरोपी को कितने घंटे में वह दोबारा से दूसरे कोर्ट में पेश कर देगी। संबंधित जिला अदालत आरोपी की ट्रांजिट रिमांड देती है। इसके बाद पुलिस को आरोपी को तय समय के भीतर कोर्ट में पेश करना होता है। अब कोर्ट के ऊपर निर्भर होता है कि वह आरोपी को जेल भेजे या फिर पुलिस को रिमांड पर दे।
दोनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। कुछ तथ्यों के बारे में आरोपियों ने पुलिस को बताया है। अब इनकी रिमांड ली जाएगी। दरअसल, विशेष उर्फ बंपी की ट्रांजिट रिमांड का समय पूरा हो रहा था। ऐसे में उसे समय रहते कोर्ट में पेश करना जरूरी था। कोर्ट ने रिमांड देने के स्थान पर उसे भी जेल भेज दिया।
- पंकज लवानिया, इंस्पेक्टर बिसौली