बदायूं/ बिसौली। गल्ला व्यापारी के पुत्र की फिरौती के लिए अपहरण के बाद हत्या के मामले में मुख्य आरोपी विशेष सिंह उर्फ बंपी को पुलिस टीम कर्नाटक से लेकर सोमवार देर शाम पहुंच गई। इधर, सुल्तानपुर में धरा गया दूसरा आरोपी अर्जुन भी यहां आ गया है। बंपी कर्नाटक के कोपल जिले की गंगापुर पोस्ट के एक स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। वहीं अर्जुन सुल्तानपुर में रसोई गैस रिफिलिंग का धंधा कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक दोनों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। हालांकि अभी दोनों से पूछताछ की जा रही है। वारदात का पूरा खुलासा पुलिस मंगलवार को कर सकती है।
बिसौली के गांव निजामुद्दीन शाहपुर के गल्ला व्यापारी अवनीश गुप्ता का 18 वर्षीय बेटा विवेक गुप्ता बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था। इसके साथ वह एसएससी की कोचिंग भी कर रहा था। विवेक 11 अगस्त को लापता हो गया था। अवनीश गुप्ता ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। करीब एक महीने बाद उनके पास 15 लाख फिरौती की चिट्ठी आई। 13 दिसंबर को विवेक का कंकाल गांव के ही विशेष सिंह उर्फ बंपी के घर से पुलिस ने बरामद किया था। शव दफन करने के बाद उसके ऊपर फर्श भी बनवा दिया था। कंकाल मिलने के बाद पुलिस आरोपियों को ट्रेस करने में जुट गई। मुख्य आरोपी बंपी की लोकेशन कनार्टक के कोपल में और दूसरे आरोपी अर्जुन की लोकेशन सुल्तानपुर में मिली थी। उसी दिन दो पुलिस टीमों को रवाना कर दिया गया। सोमवार देर शाम दोनों पुलिस टीमों की वापसी हो गई। दोनों आरोपी भी बिसौली पहुंच गए हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। सूत्रों की मानें तो आरोपियों ने कई खुलासे किए हैं। हालांकि, अधिकारी अभी ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
धान का बोरा उठवाने के बहाने बुलाया था विवेक को
बिसौली। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि 11 अगस्त की शाम विवेक को उन्होंने धान का बोरा उठवाने के बहाने बुलाया था। विवेक आया तो उसे दबोच लिया और बंपी के घर ले गए। मुंह में कपड़ा, पॉलीथिन ठूंसने के बाद उसकी हत्या कर दी। बंपी ने इस अपहरण की साजिश अपने रिश्ते के भतीजे अर्जुन के साथ मिलकर रची थी। हत्या करने के बाद शव दफन किया और फिर ऊपर से फर्श करा दिया। किसी को शक न हो इसके चलते दोनों ने गांव छोड़ दिया। विशेष उर्फ बंपी कर्नाटक और अर्जुन सुल्तानपुर में रहकर नौकरी करने लगा।
गांव के तालाब में फेंका था विवेक का मोबाइल
- आरोपियों ने पुलिस को यह भी बताया कि विवेक की हत्या के बाद उनको डर था कि कहीं उसके मोबाइल के जरिए पुलिस ट्रेस न कर ले। ऐसे में विवेक के मोबाइल को तालाब में फेंक दिया। दरअसल, बंपी शातिर अपराधी है। वह चार साल तिहाड़ जेल में सजा भी काट चुका है। एक मामले में वह मोबाइल के जरिए ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। ऐसे में इस बार वह कोई चूक करना नहीं चाहता था। इसके बाद पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर तालाब तक भी पहुंची। पुलिस के मुताबिक मोबाइल खोजने की कोशिश की जा रही है।
विवेक के पिता बोले-आरोपियों को होनी चाहिए फांसी
बिसौली। विवेक गुप्ता के पिता अवनीश गुप्ता का कहना है कि बेटे के हत्यारों को फांसी से कम सजा उनको मंजूर नहीं है। बेटे की हत्या से पूरा परिवार टूट गया है। जिस दिन से बेटे का कंकाल बंपी के घर मिला है तब से उनकी पत्नी ने खाना छोड़ दिया है। अवनीश गुप्ता का कहना है कि अगर उनको पता होता कि आरोपी उनके बेटे के साथ ऐसा करेंगे तो वह कितने भी रुपये देकर उसको बचा लेते। उन्होंने तो बेटे का सुराग देने वाले को भी एक लाख रुपये इनाम के पोस्टर छपवाए थे। आरोपियों को फांसी होनी चाहिए। जमानत नहीं मिलनी चाहिए।
अपहरण और हत्या के आरोपियों को लेकर पुलिस टीमें पहुंच गई हैं। दोनों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने की बात को स्वीकार किया है। मुख्य आरोपी विशेष उर्फ बंपी को कर्नाटक के कोपल और दूसरे आरोपी अर्जुन को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से गिरफ्तार किया गया है। उनसे और पूछताछ की जा रही है।
-राघवेंद्र सिंह, सीओ बिसौली