चर्चित कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई और वादी पक्ष के वकील के बीच बहस अब 16 अक्तूबर को होगी। मंगलवार को सीबीआई के वकील कुमार रजत कोर्ट नहीं पहुंचे। इसके चलते बहस नहीं हो सकी। इधर, सीबीआई ने कोर्ट से कुछ बिंदुओं पर साक्ष्य दाखिल करने के लिए वक्त मांगा है।
कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई ने 11 दिसंबर 2014 को क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी। 19 फरवरी को वादी पक्ष ने प्रोटेस्ट दाखिल किया था। सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट के समर्थन में अपना पक्ष कोर्ट में रख दिया था। वादी के वकील ने प्रोटेस्ट के समर्थन में दलीलें देने के लिए उन सभी साक्ष्यों की नकल मांगी थीं जिनके आधार पर क्लोजर रिपोर्ट दी गई। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 21 अगस्त को सभी साक्ष्यों की नकलें वादी पक्ष के वकील को दे दीं। इसके बाद सात सितंबर को दोनों पक्षों के बीच चार घंटे की मैराथन बहस हुई। स्पेशल जज पाक्सो एक्ट ने छह सितंबर तक फैसला सुरक्षित रख लिया था। छह सितंबर को बहस शुरू हुई तो सीबीआई ने कुछ बिंदुओं पर फिर से बहस की अनुमति मांगी। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 18 सितंबर निर्धारित कर दी। इस दिन बहस पूरी नहीं हो सकी। इस पर कोर्ट ने छह अक्तूबर की तारीख मुकर्रर कर दी।
मंगलवार को सीबीआई के वकील कुमार रजत कोर्ट नहीं पहुंचे। सीबीआई की ओर से डीएसपी विजय शुक्ला कोर्ट में हाजिर हुए। उन्होंने कोर्ट से कुछ साक्ष्य रखने का वक्त मांगा। इस पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 16 अक्तूबर की तिथि निर्धारित कर दी है। वादी पक्ष के वकील ज्ञान सिंह शाक्य ने सीबीआई पर बहस से भागने का आरोप लगाया है।