उसहैत थाने के गांव कटरा सआदतगंज में 27/28 मई की रात चचेरी-तहेरी बहनों के शव पेड़ पर लटके मिले थे। इनके परिवार वालों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए। पप्पू यादव, अवधेश यादव, उर्वेश यादव (सगे भाई) समेत कटरा सआदतगंज पुलिस चौकी के सिपाही सर्वेश यादव और छत्रपाल गंगवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच सीबीआई को दी गई। सीबीआई ने 11 दिसंबर 2014 को क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी। ममाले में सुनवाई कर रहे स्पेशल जज पाक्सो एक्ट ने 17 महीने बाद 28 अक्तूबर 2015 क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर मुख्य आरोपी पप्पू यादव को तलब कर लिया। समन जारी कर पप्पू यादव को 28 नवंबर को कोर्ट ने हाजिर होने का आदेश दिया।
शनिवार को मामले में सुनवाई थी, लेकिन पप्पू यादव कोर्ट नहीं पहुंचा। बाद में पता लगा कि 28 अक्तूबर को पप्पू की तलबी के लिए जारी समन एक महीने में पुलिस उसको तामील ही नहीं करा सकी। इसके बाद कोर्ट ने फिर से समन जारी कर पप्पू यादव को 23 दिसंबर को कोर्ट के हाजिर होने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी।