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रामकृष्ण के आदर्शों को जीवन में उतारें युवक

Mon, 07 Sep 2015 08:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
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कथावाचक हरलेश चैतन्य ने पहले दिन परीक्षित श्राप का प्रसंग सुनाया। कहा कि समाज को नई दिशा देने के लिए युवाओं को नई सोच के साथ आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने युवाओं को नशा ओर अपराध से दूर रहने की सलाह दी। कहा, युवाओं को भगवान राम और कृष्ण के आदर्शों पर चलकर समाज के काम करने चाहिए। माता-पिता की आज्ञा का पालन करना चाहिए। माता-पिता की सबसे पहली पाठशाला के शिक्षक हैं। यज्ञाचार्य नीरज मिश्रा ने यज्ञ भगवान का महत्व समझाया। संगीत टोली में शामिल मुनेंद्र, नेत्रपाल और निर्दोष का भी कथा में सहयोग रहा। ग्रामीणों ने कथा की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
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